कैथल में मनरेगा मेटों की बड़ी जीत: कल से शुरू होगा कार्य, वेतन बहाली की घोषणा
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल, पानीपत (हरियाणा)
हरियाणा के मनरेगा मेट साथियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। कैथल में 08 दिसंबर 2025 को हुए शांतिपूर्ण आंदोलन और मेट साथियों की एकजुटता को देखते हुए सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए कल से मनरेगा का काम शुरू कराने और मेटों की रुकी हुई सैलरी जारी करने का आश्वासन दे दिया है। लंबी चली मीटिंग के बाद सरकार ने कई महत्वपूर्ण मांगों को तुरंत मान लिया, जबकि कुछ मुद्दों को लेकर सीएम स्तर पर अगले एक-दो दिनों में निर्णायक बातचीत होगी।
सरकार ने मान ली ये प्रमुख मांगें
कल से कैथल में मनरेगा कार्यों की पुनः शुरुआत
मनरेगा मेटों की रुकी सैलरी तुरंत जारी
एडीसी सुरेश कुमार द्वारा संबंधित अधिकारियों को
तत्काल फोन कर दिशा-निर्देश जारी
मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित एबीपीओ पर कार्रवाई और तबादले
इन मुद्दों पर जल्द होगी उच्चस्तरीय बैठक
100 दिन का गारंटी रोजगार
ड्यूटी के दौरान मौत पर 25 लाख की सहायता
श्रम बोर्ड की वेबसाइट सुचारू रूप से चालू करना
मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने का प्रस्ताव
जीरी दान घोटाले की जांच तेज करने की मांग
मुख्यमंत्री जल्द ही चंडीगढ़ में मनरेगा यूनियन के पांच प्रतिनिधियों को बुलाकर विस्तृत चर्चा करेंगे तथा बाकी बची मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
साथियों की एकजुटता ने दिलाई जीत
कैथल और जींद के क्रांतिकारी साथियों ने पार्क में एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर डटकर प्रदर्शन किया। पूरे हरियाणा के मनरेगा साथियों की इस एकता ने पहली बार सरकार को बड़े फैसले लेने पर मजबूर किया है। ऑपरेशन के बाद भी आंदोलन में डटे रहने वाले भाई समुद्र दनोदा के जज़्बे को यूनियन ने विशेष धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अन्नदाता किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव सज्जन इंदाछोई, मनरेगा प्रभारी, महिला बैंक की प्रधान मुकेश कन्नड़ी, जिला प्रधान कृष्णा, ब्लॉक प्रधान बिट्टू, तथा अनेक साथियों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
हरियाणा में जल्द सुचारू होगा मनरेगा का कार्य
कैथल से शुरुआत के बाद आने वाले 2–4 दिनों में पूरे हरियाणा में मनरेगा कार्यों को पूरी तरह से सुचारू कर दिया जाएगा। यह मनरेगा मेट साथियों की संघर्षपूर्ण लड़ाई का पहला बड़ा विजय क्षण है।
जय जवान, जय किसान — मजदूर एकता जिंदाबाद।
यूनियन ने सभी साथियों का दिल से धन्यवाद प्रकट किया जो इस आंदोलन का हिस्सा बने या दूर रहते हुए समर्थन देते रहे












