मुख्य सचिव ने विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर की समीक्षा, लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत, हरियाणा
पानीपत, 15 दिसंबर। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) और पर्यावरण स्वीकृति के कारण लंबित पड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों के चौड़ीकरण, जलापूर्ति, औद्योगिक तथा शहरी विकास से संबंधित परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक अड़चन स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि सड़क चौड़ीकरण का कार्य मौजूदा फॉर्मेशन चौड़ाई के भीतर किया जा रहा है, तो इस पर किसी भी स्तर पर अनावश्यक आपत्ति न की जाए। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई जमीन तथा 70 प्रतिशत से अधिक भूमि खरीदे जाने वाले प्रोजेक्ट्स में हरियाणा भूमि परियोजना समेकन (विशेष उपबंध) अधिनियम, 2017 के तहत आगे की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि जिले में सभी विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। भूमि अधिग्रहण और सड़कों के चौड़ीकरण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी परियोजना में प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से देरी न हो और आम जनता को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देगा। बैठक में डीएफओ विजय लक्ष्मी, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता साबित पन्नू सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।












