भागीरथपुरा जलकांड को लेकर कांग्रेस का आक्रोश, उज्जैन घंटाघर पर एकदिवसीय उपवास धरना
दूषित जल से हुई मौतों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय की मांग
संवाददाता: संतोष यादव उज्जैन. इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित एवं मल-मूत्र मिश्रित पानी पीने से हुई मौतों की घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। सोमवार को उज्जैन शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा घंटाघर चौराहे पर एकदिवसीय उपवास रखकर धरना आंदोलन किया गया, जिसमें सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार को “निकम्मी सरकार” और प्रशासन को “नालायक व नकारा” बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते लोगों को दूषित पानी पीना पड़ा, जिससे निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। यह पूरी तरह से शासन-प्रशासन की विफलता है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि इस मामले में दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए तथा मृतक परिवारों को शीघ्र न्याय और उचित मुआवजा दिया जाए। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
धरना शांतिपूर्ण रहा, वहीं मौके पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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