कुपोषण पर निर्णायक प्रहार, बच्चों के लिए विशेष पोषण अभियान।

कुपोषण पर निर्णायक प्रहार, बच्चों के लिए विशेष पोषण अभियान।

जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा।

स्वस्थ बचपन की ओर बड़ा कदम: थेरेप्यूटिक फीडिंग से कुपोषित बच्चों का होगा उपचार

पानीपत, 24 जून। जिले में कुपोषण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यम तीव्र कुपोषण (एमएएम) तथा गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए थेरेप्यूटिक फीडिंग आधारित पायलट हस्तक्षेप कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम राज्य सहायता मिशन (एसएसएम) हरियाणा द्वारा स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एसजेएचआईएफएम) के माध्यम से जिले में लागू किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से विशेष स्क्रीनिंग शिविर यहां सिविल अस्पताल में आयोजित किया गया, जिसमें कुपोषित बच्चों की पहचान और स्वास्थ्य जांच की गई। इस प्रक्रिया से उपचार और पोषण प्रबंधन के लिए पात्र बच्चों को चिन्हित किया गया, जिससे समय रहते आवश्यक चिकित्सा एवं पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इस पायलेट परियोजना का संचालन सिविल सर्जन विजय मलिक के नेतृत्व एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी में किया जा रहा है विदित रहे कि इस महत्वाकांक्षी पहल की रूपरेखा राज्य सहायता मिशन हरियाणा ने तैयार की है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कुपोषण प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर इस पायलट परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया है। ध्यान रहे कि राज्य सहायता मिशन की टीम में संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी डॉ. नीरू, टीम लीडर राहुल सिंगला तथा सेक्टर एक्सपर्ट डॉ. अमिता रानी सक्रिय रूप से योजना निर्माण, समन्वय, निगरानी और तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। बता दे कि यह पहल आंगनवाड़ी केंद्रों, नागरिक अस्पताल पानीपत तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कुपोषण प्रबंधन को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित करने और स्वास्थ्य सेवाओं से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विशेष तौर पर नागरिक अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को एफ-75 एवं एफ-100 जैसे विशेष थेरेप्यूटिक आहार दिए जा रहे हैं। साथ ही उनकी प्रतिदिन चिकित्सकीय एवं पोषण संबंधी निगरानी की जा रही है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
विदित रहे कि सिविल सर्जन, एनआरसी स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी उपचार, देखभाल और निगरानी की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त गीता विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी इस पहल से जोड़ा गया है। वे दस्तावेजीकरण, फील्ड समन्वय तथा अन्य गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुडऩे का अवसर भी मिल रहा है। इस पायलट परियोजना का उद्देश्य कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दर बढ़ाना, तीव्र कुपोषण के बोझ को कम करना, आंगनवाड़ी सेवाओं और स्वास्थ्य तंत्र के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना मुख्य है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सहायता मिशन और जिला प्रशासन पानीपत, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की यह संयुक्त पहल बच्चों को बेहतर पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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