यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, एटा में पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन।

यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज का शक्ति प्रदर्शन, एटा में पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन।

संवाददाता अमन अहमद। एटा में यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज खुलकर सड़कों पर उतर आया। मंगलवार को सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कानून को वापस लेने की मांग उठाई। मार्च के समापन पर उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया।

यह विरोध प्रदर्शन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी तथा करणी सेना के पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल रहे, जिनके हाथों में “यूजीसी एक्ट बायकॉट” लिखे पोस्टर नजर आए। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर सवर्ण समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि यूजीसी कानून सवर्ण समाज के बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला है और उन्हें “स्वघोषित अपराधी” की श्रेणी में खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून एक वर्ग विशेष को निशाना बनाकर बनाया गया है। चौहान ने मांग की कि या तो इस कानून को पूरी तरह वापस लिया जाए या इसमें व्यापक संशोधन किया जाए। साथ ही उन्होंने कानून संशोधन समिति में सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों को शामिल करने और सवर्ण अभ्यर्थियों के लिए अलग शैक्षणिक संस्थान खोलने की भी मांग रखी।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

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