जिला पंचायत के आदेश को जनपद पंचायत बेरला ने दिखाया ठेंगा!
सीईओ दीप्ति मांडवी पर आदेश की अवहेलना का आरोप, प्रथम अपीलीय अधिकारी के निर्देश के बाद भी नहीं दी गई आरटीआई जानकारी
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
बेमेतरा। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारियों को उपलब्ध कराने संबंधी जिला पंचायत बेमेतरा की प्रथम अपीलीय अधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद जनपद पंचायत बेरला की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) दीप्ति मांडवी द्वारा आज दिनांक तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है। इससे न केवल आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना हुई है, बल्कि प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेशों की भी अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं। वार्ड क्रमांक-15, नयापारा बेमेतरा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता ताम्रध्वज साहू द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत बेरला के जनसूचना अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष दो अलग-अलग सूचना आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। पहले आवेदन में 01 जनवरी 2022 से आवेदन दिनांक तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा उपयोग किए गए अथवा उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी वाहनों की लॉगबुक एवं ईंधन बिल-वाउचर की सत्यापित प्रतिलिपि मांगी गई थी। वहीं दूसरे आवेदन में उक्त अवधि की कैशबुक एवं ऑनलाइन कैशबुक की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।वैधानिक समय-सीमा में कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने पर आवेदक द्वारा 01 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत बेमेतरा में प्रथम अपील दायर की गई। दोनों मामलों की सुनवाई 29 मई 2026 को प्रथम अपीलीय अधिकारी भूमिका देसाई द्वारा की गई। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ताम्रध्वज साहू उपस्थित रहे, जबकि प्रतिअपीलार्थी पक्ष से जनसूचना अधिकारी एवं जनपद पंचायत बेरला की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। प्रकरण क्रमांक 419/2026 एवं 420/2026 में पारित आदेश में प्रथम अपीलीय अधिकारी ने स्पष्ट रूप से जनसूचना अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बेरला को आदेश प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर वांछित जानकारी निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा इसकी सूचना आवेदक एवं जिला पंचायत कार्यालय को देने के निर्देश दिए थे। गंभीर तथ्य यह है कि उक्त आदेश पारित होने के कई दिनों बाद भी सीईओ दीप्ति मांडवी के नेतृत्व वाले जनपद पंचायत कार्यालय द्वारा न तो जानकारी उपलब्ध कराई गई और न ही किसी प्रकार का लिखित स्पष्टीकरण दिया गया है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और सूचना के अधिकार अधिनियम के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेशों का भी पालन नहीं किया जाएगा तो आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील के साथ-साथ सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 के अंतर्गत सीईओ दीप्ति मांडवी एवं संबंधित जनसूचना अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
आदेश की अवहेलना या प्रशासनिक लापरवाही?
सूचना का अधिकार अधिनियम शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे में प्रथम अपीलीय अधिकारी के स्पष्ट आदेश के बाद भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराना कई सवालों को जन्म देता है। अब देखना होगा कि राज्य सूचना आयोग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और आदेशों की अवहेलना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।
प्रमुख तथ्य
आरटीआई आवेदन प्रस्तुत : 24 फरवरी 2026
मांगी गई जानकारी : वाहनों की लॉगबुक, ईंधन बिल-वाउचर, कैशबुक एवं ऑनलाइन कैशबुक
प्रथम अपील प्रस्तुत : 01 अप्रैल 2026
सुनवाई की तिथि : 29 मई 2026
प्रकरण क्रमांक : 419/2026 एवं 420/2026
प्रथम अपीलीय अधिकारी : भूमिका देसाई, जिला पंचायत बेमेतरा
आदेश : एक सप्ताह में निःशुल्क जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश
वर्तमान स्थिति : आज दिनांक तक कोई जानकारी या जवाब प्राप्त नहीं
संबंधित अधिकारी : जनपद पंचायत बेरला की सीईओ दीप्ति मांडवी
संभावित अगला कदम : छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग।












