प्रशासन की लापरवाही से हजारों स्कूली बच्चों की जान जोखिम में – फिरोजाबाद-जलेसर मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के नाम पर 3 महीने तक सड़क बंद, वैकल्पिक रास्ते का जिक्र तक नहीं

प्रशासन की लापरवाही से हजारों स्कूली बच्चों की जान जोखिम में – फिरोजाबाद-जलेसर मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के नाम पर 3 महीने तक सड़क बंद, वैकल्पिक रास्ते का जिक्र तक नहीं

संवाददाता धर्मेंद्र चौहान एटा

एटा जिले के प्रशासन ने एक बार फिर अपनी संवेदनहीनता का प्रमाण पेश कर दिया है। जनपद एटा में उत्तर मध्य रेलवे के बरहन-एटा सेक्शन पर फिरोजाबाद-जलेसर मार्ग स्थित LC No-22 (रेलवे स्तर क्रॉसिंग) पर रेल ओवरब्रिज (उपरी सेतु) के निर्माण कार्य के लिए मार्ग को तीन महीने तक पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी एटा द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) में निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है, लेकिन इस महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज में एक शब्द भी वैकल्पिक रास्ते के बारे में नहीं लिखा गया है। यह मार्ग न केवल आम नागरिकों का जीवनरेखा है, बल्कि हजारों स्कूली बच्चों, कॉलेज छात्रों और परीक्षार्थियों का रोजाना का रास्ता है। बच्चे साइकिल, स्कूटी और पैदल इस मार्ग से स्कूल-कॉलेज जाते हैं।

प्रश्न उठता है –

1- क्या तहसील से लेकर जिला प्रशासन सो रहा था?

2- क्या बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा अधिकार कोई मायने नहीं रखते?

3- निर्माण की अनुमति देते समय वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित की गई?

4- अनापत्ति प्रमाण पत्र सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया, ताकि लोग पहले से तैयारी कर सकें?

यह मार्ग जलेसर और फिरोजाबाद को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। बंदी से न केवल छात्र प्रभावित होंगे, बल्कि मरीजों, दैनिक यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों को भी भारी परेशानी होगी। कई अन्य इलाकों में ऐसे निर्माण के दौरान प्रशासन वैकल्पिक रास्ते बनाता है या ट्रैफिक डायवर्जन करता है, लेकिन यहां पूरी तरह अनदेखी की गई है। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और सवाल कर रहे हैं – क्या बच्चों को रेलवे ट्रैक पार करके या खतरनाक रास्तों से स्कूल भेजना प्रशासन की मजबूरी है? क्या यह विकास है या बच्चों के साथ अन्याय? प्रशासन से मांग है कि तत्काल वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था की जाए, निर्माण कार्य के दौरान छात्रों की आवाजाही सुनिश्चित हो और अनापत्ति प्रमाण पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया जाए।

अगर प्रशासन अब भी चुप रहा, तो हजारों मासूम बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा।
यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें