एटा में परीक्षा व्यवस्था फेल: छात्रों को नहीं मिले प्रश्न पत्र, ब्लैकबोर्ड पर उतरवाए गए सवाल।
संवादाता अमन अहमद। एटा जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। परिषदीय विद्यालयों में आयोजित अर्धवार्षिक परीक्षाओं के दौरान छात्रों को प्रश्न पत्र उपलब्ध ही नहीं कराए गए। इसके बजाय विभाग की ओर से प्रत्येक विद्यालय को व्हाट्सऐप के माध्यम से केवल एक-एक पीडीएफ कॉपी भेजी गई, जिसके आधार पर शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न उतारकर परीक्षाएं कराईं।
बात सामने आई कि जिले के लगभग सभी विद्यालयों में यही स्थिति रही। शिक्षकों का कहना है कि यह सब कुछ उच्चाधिकारियों के निर्देश पर किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि यह घटना उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के गृह जनपद एटा में ही सामने आई है, जहां वे प्रभारी मंत्री भी हैं।
ऐसे हुई परीक्षाएं संपन्न
प्रथम पाली में कक्षा 2 व 3 का गणित, कक्षा 4, 5 और 6 की हिंदी तथा कक्षा 7 व 8 का विज्ञान का पेपर बिना प्रश्न पत्र के, ब्लैकबोर्ड पर लिखकर कराया गया।
द्वितीय पाली में संस्कृत की परीक्षा भी इसी तरीके से संपन्न हुई।
कई विद्यालयों में की गई पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी स्कूल को प्रश्न पत्रों की हार्ड कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। पटियाली गेट स्थित उर्दू माध्यम विद्यालय के शिक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि उन्हें केवल पीडीएफ मिली है और मजबूरन ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न उतारकर परीक्षाएं कराई जा रही हैं।
अलीगंज, जैथरा और एटा ब्लॉक में भी यही स्थिति देखने को मिली। अलीगंज के एक प्राथमिक विद्यालय की छात्रा ने कहा कि उसने ब्लैकबोर्ड पर लिखे सवाल देखकर अपना पेपर हल किया।
इस लापरवाही से अभिभावकों और शिक्षकों में नाराज़गी है, जबकि विभागीय अधिकारी अभी बयान देने से बच रहे हैं।
ये भी पढ़ें पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ द्वारा जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं का गंभीरता से समाधान हेतु दिये गये निर्देश












