पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज होने से मचा बवाल, डीएम-एसपी को सौंपा गया ज्ञापन
सरेनी, रायबरेली: सरेनी थाना क्षेत्र में हुए अतुल तिवारी हत्याकांड में हर दिन नए पहलू सामने आ रहे हैं। अब एक और ट्विस्ट तब आया जब मामले में आरोपी करन प्रजापति के पिता राजेश प्रजापति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है।
राजेश प्रजापति की पत्नी श्याम देवी का आरोप है कि 6 अप्रैल को हुए विवाद के बाद से अतुल तिवारी के परिजन उनके पति पर एक करोड़ रुपये का दबाव बना रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि राजेन्द्र तिवारी नामक व्यक्ति दुकान पर आकर उनके पति को धमकाता था, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे। इसी तनाव में उन्होंने 19 अप्रैल को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने राजेन्द्र तिवारी, उनकी बेटी वेदिका पांडे उर्फ रंगोली, रसूलपुर गांव के बच्चा बाजपेयी, सतवाखेड़ा निवासी प्रभात मिश्रा, पत्रकार आदित्य मिश्रा और एक अज्ञात पत्रकार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पत्रकारों पर सिर्फ इसलिए मुकदमा दर्ज किया गया क्योंकि उन्होंने मामले से जुड़ी खबरें प्रकाशित की थीं।
इस कार्रवाई को लेकर पत्रकारों और आम नागरिकों में आक्रोश है। डीएम और एसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
बता दें, 5 अप्रैल को नाली विवाद को लेकर अतुल तिवारी की कुछ लोगों से मारपीट हुई थी, जिसमें गंभीर चोट लगने से इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने करन प्रजापति, बउवा और अजय वर्मा को गिरफ्तार किया, जबकि पुनीत सिंह फरार है।
उधर, पूर्व विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग जातीय आधार पर समाज में जहर घोल रहे हैं। वहीं ऊंचाहार के विधायक मनोज पांडे ने मृतक के परिजनों से मिलकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लालगंज क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार सिंह के अनुसार, राजेश प्रजापति की मौत की जांच की जा रही है। आत्महत्या है या हत्या, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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