माघी पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, एक माह का कठिन कल्पवास आज होगा पूर्ण
संवाददाता बिपिन मिश्रा कुंडा प्रतापगढ़
प्रयागराज। संगम नगरी में चल रहे वार्षिक माघ मेले का आज सबसे महत्वपूर्ण और भावुक दिन है। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। इसी के साथ संगम तट पर एक माह से चल रहा कठिन कल्पवास भी आज संपन्न हो जाएगा।आज पूर्णिमा के स्नान के साथ ही हज़ारों कल्पवासी अपना एक महीने का कठिन व्रत और संकल्प पूरा कर अपने घरों की ओर रवाना होंगे। माघी पूर्णिमा के महत्व को देखते हुए प्रयागराज में एक दिन पहले से ही देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं।पौष पूर्णिमा से शुरू हुआ कल्पवास आज माघी पूर्णिमा के साथ विश्राम लेगा। कल्पवासी, जो पिछले एक महीने से रेतीले मैदान में टेंटों के भीतर रहकर केवल एक समय का भोजन, त्रिकाल स्नान और सत्संग के माध्यम से सात्विक जीवन जी रहे थे, आज दान-पुण्य कर अपनी आध्यात्मिक यात्रा का समापन करेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संगम क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन में बदल दिया गया है। श्रद्धालुओं को पैदल ही घाटों तक जाना पड़ रहा है। जल पुलिस, गोताखोर और सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। रेलवे और परिवहन विभाग ने भी श्रद्धालुओं की घर वापसी के लिए अतिरिक्त बसें और ट्रेनें संचालित की हैं।हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान करने से भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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