ग्राम पंचायत अधिकारी और ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ भ्रष्टाचार, लाखों का भुगतान  

माधोपुर चांधन ग्राम पंचायत अधिकारी और ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ भ्रष्टाचार, लाखों का भुगतान 

प्रयागराज – उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। ब्लॉक कौड़िहार के ग्राम पंचायत माधोपुर चांधन उर्फ घाटमपुर में अधूरे इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 4,00,377 रुपए का भुगतान कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, बब्बू पाल के घर से तालाब तक इंटरलॉकिंग कार्य के लिए आरडी संख्या 106152666 फीड कराई गई थी। हालांकि, मौके पर सिर्फ 70 कदम लंबी और 96 इंच चौड़ी इंटरलॉकिंग बनाई गई, लेकिन भुगतान पूरी लागत के आधार पर किया गया। इतना ही नहीं, भुगतान के समय किसी अन्य स्थान की फोटो लगाकर घोटाला किया गया।

अधूरा कार्य, फिर भी पूरी रकम का भुगतान..

सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्यों की माप-जोख जेईई (जूनियर इंजीनियर) द्वारा की जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मौके पर इंटरलॉकिंग कम बनाई गई थी, तो जेईई ने इसे मापा कैसे? और पूरा भुगतान क्यों किया गया? इससे स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत अधिकारी और ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।

गांव के विकास में बाधा बन रहा भ्रष्टाचार  

सरकार के कड़े निर्देशों के बावजूद ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम पर है। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा विकास कार्यों में खर्च होने के बजाय घोटालों की भेंट चढ़ रहा है। ग्रामीणों ने इस घोटाले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो ग्राम पंचायतों में विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहेंगे। प्रशासन को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।

संवाददाता रामेश कुमार 

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