प्रतापगढजिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिविल कोर्ट प्रतापगढ़ उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,लखनऊ के दिशानिर्देश
संवाददाता अमित शुक्ला
राजीव कमल पाण्डेय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मार्गदर्शन में आज जिला कारागार प्रतापगढ़ का श्रीमती शाम्भवी-प्प्/सचिव, जिला विधिक सेवा भौतिक निरीक्षण करते हुए एवं बन्दियोंको विधिक रूप से जागरूक किया गया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी द्वारा अवगत कराया कि आज जिला कारागार में886 बन्दी निरूद्व है। जिसमे 784 विचाराधीन बन्दी है। इसमें महिला 24 तथा 793 पुरूष एवं किशोर ;18 से 21 वर्ष आयु समूह) बन्दियों कीसंख्या 47 है। सिद्धदोष बन्दियों की संख्या 92 बतायी गयी जिसमें 24 महिला बन्दी व 47 एवं 01 किशोर बन्दी बन्दी शामिल है। जेल में निरूद्व महिला बन्दियोंके साथ कुल 01 बच्चे रह रहें है,। आज सचिव द्वारा जिला कारागार में स्थित महिला बैरक, एवं किशोर बैरक, पाकशाला, जेल अस्पताल, लीगल एड क्लीनिक,एवंवीडियों कान्फ्रेसिंग रूम सहित जेल परिसर की साफ सफाई, महिला बन्दियों की तलाशी रूम का निरीक्षण किया गया। प्रत्येक बैरिक मेंमनोरजंन के लिए टी0वी0 लगी है, जो चालू हालत में बतायी गयी। इस अवसर पर बालचक्र में निरूद्ध किशोर बन्दियों से मिलकर उनकेअपराध और उनकी आयु के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। जिला कारागार मं 18 वर्ष से कम आयु के निरूद्ध बन्दियों को चिन्हितकरने और ऐसे बन्दियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराये जाने के संबंध में जेल अधिकारी को निर्देशित किया गया। यह भीनिर्देशित किया गया कि जिन सिद्धदोष बन्दियों की अपील हो गयी है संबंधित रजिस्टर में उनकी अपील संख्या और पूर्ण विवरणअंकित किया जाये। अपील संबंधित रजिस्टर में पूर्ण विवरण अंकित किया जाना सुनिश्चित किया जाये, ऐसे चिन्हितसिद्धदोष बन्दी जो आर्थिक कठिनाई के कारण या अन्य किसी कारण से अपील करनेसक्षम नही है तो उनकी निःशुल्क अपील कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय कोअवगत कराया जाये। जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि जिन बन्दियों को अपने मुकदमें की पैरवी हेतु निःशुल्क पैनलअधिवक्ता की आवश्यकता है उनके आवेदन पत्र लिखित रूप में प्राप्त करके उनके आवेदनपत्र रजिस्टर में अंकित करके जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतापगढ़ कार्यालय कोउपलब्ध कराया जाये, जिससे बन्दियों को उनके मुकदमें की पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा सकें। इसअवसर पर चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सेल प्रतापगढ द्वारा किशोर बन्दियों को उनके विधिक अधिकारों एवं प्लीबारगेनिंग तथाजमानत के सम्बन्ध में विधिक जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। उन्होने बताया कि शासन द्वारा लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल पदपर अधिवक्ताआं की नियुक्ति राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, के निर्देशानुसार की गई है। जिन बन्दियों के पास मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता नही हैैउन बन्दियों के मुकदमों की पैरवी लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के पद पर चयनित अधिवक्ताआं द्वारा की जायेगी। निरीक्षण के दौरान उपजेलर द्वारा जानकारी दी गयी कि जेल में निरूद्ध अधिकांश सिद्धदोष बन्दियों की अपील हो चुकीहै। जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि बन्दियों के कौशल विकास हेतु कार्यक्रम चलाने की व्यवस्था की जाये। इसअवसर जेल अधीक्षक सहित उप जेलर निखिल, श्रीमती शारदा एवं महावीर यादव चीफ लीगल एडडिफेन्स काउन्सिल डिप्टी श्री अभय प्रताप सिंह, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल आदि उपस्थित रहें।जेल की व्यवस्था को देख देकर खुश हुए न्यायाधीश एवं अधिकारी












