समाधान दिवस में अधिकारियों की नोकझोंक, वेतन विवाद बना सुर्खी
संवादाता अमन अहमद। एटा की सदर तहसील में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के बीच वेतन विवाद ने सबका ध्यान खींचा। जनता की समस्याएं सुनने के लिए मौजूद अपर जिला मजिस्ट्रेट लालता प्रसाद और परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेंद्र गुप्ता के सामने ही प्रभारी बीडीओ शीतलपुर और डीसी मनरेगा प्रभुदयाल आपस में भिड़ गए।
डीसी मनरेगा का आरोप था कि उनका दो माह का वेतन रोका गया है, जिससे उन्हें परिवार की देखभाल में कठिनाई हो रही है। उन्होंने बताया कि एक बच्चा दिल्ली और दूसरा आगरा में पढ़ाई कर रहा है, ऐसे में आर्थिक संकट गहरा गया है।
वहीं, पीडी डीआरडीए सुरेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया कि केवल एक माह का वेतन ही रोका गया है और यह निर्णय जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह व सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा के निर्देश पर लिया गया। कारण बताया गया कि 15वें केंद्रीय वित्त आयोग और पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि का ग्राम पंचायतों में नियमानुसार व्यय नहीं हो पाया, जिससे जिले की मुख्यमंत्री समीक्षा में रैंकिंग प्रभावित हुई।
पीडी ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी अतिरिक्त लाभ के लिए शीतलपुर ब्लॉक का बीडीओ और डीसी मनरेगा दोनों पदों का दायित्व संभाल रहे हैं। उन पर पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप भी लग चुके हैं। आम जनता के बीच इस तरह का अमानवीय व्यवहार अनुचित है।
विवाद के बीच स्पष्ट हुआ कि रैंकिंग में सुधार और नियमानुसार कार्यों के संपादन तक वेतन जारी नहीं किया जायेगा।
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