“पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगवाना हुआ अनिवार्य – जीडीए”
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर
गाजियाबाद, दिनांक: 06/04/2026गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा शासनादेश संख्या123/2025-8-3099/406/2023, लखनऊ दिनांक 28.01.2025 तथा जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा निर्गत पत्र के अनुपालन में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत अब प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किए जाने वाले सभी नए भवन मानचित्रों में सोलर पैनल (सौर ऊर्जा संयंत्र) लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रशासन स्तर पर भी इस दिशा में पहल करते हुए जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा पत्र जारी कर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने एवं भवन निर्माण में इसके अनिवार्य उपयोग हेतु निर्देश प्रदान किए गए थे। उसी के क्रम में जीडीए द्वारा यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव गोपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि “जिलाधिकारी महोदय के निर्देशों एवं शासनादेश के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य जनपद में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना तथा भवन निर्माण को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। ”प्राधिकरण के अनुसार, “पीएम सूर्य घर योजना” के तहत प्रत्येक भवन स्वामी को अपने भवन के क्षेत्रफल के अनुसार निर्धारित धनराशि (सिक्योरिटी/प्रतिकृति राशि) मानचित्र स्वीकृति के समय जमा करनी होगी। यह राशि सोलर पैनल स्थापित करने के बाद ही संबंधित अभ्यर्थी को वापस (अपमुक्त) की जाएगी।
क्षेत्रफल के अनुसार जमा की जाने वाली धनराशि निम्नानुसार है:
✅️200 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक – ₹20,000/-
✅️500 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक – ₹50,000/-
✅️1000 वर्ग मीटर से 5000 वर्ग मीटर तक – ₹1,00,000/-
✅️5000 वर्ग मीटर से अधिक – ₹2,00,000/-
जीडीए ने स्पष्ट किया है कि यह धनराशि सुरक्षा जमा के रूप में ली जाएगी, जिसे सोलर पैनल की स्थापना एवं उसके क्रियाशील होने के उपरांत नियमानुसार वापस कर दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, विद्युत खपत में कमी लाना तथा पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। जीडीए द्वारा सभी आवेदकों एवं नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापित कर हरित ऊर्जा को बढ़ावा दें।
यह व्यवस्था दिनांक 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी तथा सभी नए भवन मानचित्रों पर अनिवार्य रूप से लागू रहेगी।












