सीएम योगी के निर्देश पर चला सघन जांच अभियान, बिना पंजीकरण व बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा
स्टेट ब्यूरो चीफ़ विष्णु रावत
अम्बेडकरनगर। लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद अम्बेडकरनगर प्रशासन ने जिले भर में संचालित कोचिंग सेंटरों, डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य शिक्षण संस्थानों के खिलाफ विशेष जांच अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी या नर्सिंग होम संचालित नहीं होने चाहिए। यदि कोई संस्थान नियमों का उल्लंघन करते हुए बेसमेंट में संचालित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में जिलाधिकारी के आदेश पर प्रशासनिक टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण शुरू कर दिया है। जांच के दौरान संस्थानों के पंजीकरण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, भवन मानकों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
अभियान के दौरान कई ऐसे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चिन्हित किए गए हैं जो बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। इसके अलावा कई संस्थान अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना संचालित पाए गए। कुछ स्थानों पर बेसमेंट में शिक्षण गतिविधियां चलने की जानकारी भी सामने आई, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं तथा आवश्यकतानुसार सीलिंग और अन्य विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।
अधिकारियों ने सभी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें, अग्निशमन संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें तथा सभी जरूरी अनुमति और प्रमाण पत्र प्राप्त करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जिले में यह विशेष अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और मानक अनुरूप शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना तथा भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को समाप्त करना है। इसके लिए जिले भर में कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और अन्य शिक्षण संस्थानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।












