जनपद एटा के एनआईसी सभागार में हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के किसान कल्याण एवं ग्रामीण समृद्धि कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
संवाददाता योगेंद्र सिंह
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना एवं दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ — किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
एटा, 11 अक्टूबर 2025।
आज जनपद एटा के एनआईसी सभागार में लाइव प्रसारण के माध्यम से यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशभर के किसानों के हित में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने “प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना” तथा “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” सहित कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी नई परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए कहा कि इन पहलों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति और स्थायित्व मिलेगा।कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एटा के एनआईसी सभागार में किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं किसान भाई उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री ममतेश शाक्य जी, मुख्य विकास अधिकारी श्री नागेंद्र नारायण मिश्र जी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी श्री आर. बी. सिंह जी, सहित कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी श्री नागेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री की ये योजनाएँ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, उत्पादन लागत घटाने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास कर रही है। पूर्व विधायक श्री ममतेश शाक्य ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश का कृषि क्षेत्र निरंतर प्रगति कर रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के माध्यम से भारत जल्द ही आयातक देश से निर्यातक देश के रूप में उभरेगा।
वहीं मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आर. बी. सिंह ने बताया कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़े प्रोजेक्ट्स ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आमदनी के अवसर देंगे और रोजगार सृजन में भी योगदान करेंगे।
सभागार में मौजूद किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को बड़े ध्यान से सुना और योजनाओं के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति हृदय से आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया, जिन्होंने हमारे परिश्रमी अन्नदाताओं को सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है।












