प्रतिबंधित कफ सीरप तस्करी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, अंतर्राज्यीय नेटवर्क का एक और अभियुक्त गिरफ्तार
संवाददाता: पवन सूर्यवंशी गाजियाबाद। स्वाट टीम व क्राइम ब्रांच थाना नंदग्राम, कमिश्नरेट गाजियाबाद ने प्रतिबंधित Eskuf Cough Syrup व Phensedyl Cough Syrup की कालाबाजारी व तस्करी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के एक अहम अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ के निर्देशन तथा अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) केशव कुमार चौधरी व सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) के नेतृत्व में की गई।
पूर्व में हुई बड़ी बरामदगी का खुलासा
दिनांक 3/4 नवंबर 2025 की रात्रि स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच नंदग्राम पुलिस एवं सोनभद्र पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में बरेली–गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम से 08 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। मौके पर खड़े 04 ट्रकों से कुल 1150 पेटी कफ सीरप बरामद हुई थीं, जिनमें 850 पेटी Eskuf व 300 पेटी Phensedyl Cough Syrup शामिल थीं। यह खेप चुनों के बोरों के बीच छिपाकर रखी गई थी।
इस संबंध में थाना नंदग्राम पर मु0अ0सं0-691/2025 धारा 336(3)/319(2)/318(4)/3(5) बीएनएस व 8/22/29/37/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
फर्जी फर्म के जरिए 5 करोड़ का लेन-देन
विवेचना के दौरान साक्ष्यों से सामने आया कि DP Enterprises नामक फर्म का वास्तविक अस्तित्व नहीं था। यह फर्म केवल अवैध धन को वैध दिखाने के लिए कागजों पर चलाई जा रही थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वर्ष 2024-25 में DP Enterprises के माध्यम से RS Farma के मालिक सौरभ त्यागी व Vanya Enterprises के मालिक विशाल उपाध्याय के बीच करीब 5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ।
मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी
इसी क्रम में दिनांक 29 दिसंबर 2025 को स्वाट टीम व क्राइम ब्रांच ने मुखबिर की सूचना पर हिण्डन विहार मेट्रो स्टेशन के पास से
दीप प्रकाश गुप्ता पुत्र पुत्तु लाल गुप्ता, निवासी लाइन पुरवा, थाना कोतवाली शहर, जनपद हरदोई (उम्र लगभग 50 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि कमीशन के लालच में उसने दिसंबर 2024 में दिल्ली पते पर DP Enterprises का लाइसेंस रजिस्टर कराया। इस फर्म के नाम पर RS Farma व Vanya Enterprises द्वारा Eskuf Cough Syrup के फर्जी बिल काटे जाते थे, जबकि वास्तविक सप्लाई DP Enterprises को न होकर अवैध रूप से रेल के माध्यम से की जा रही थी। तस्करी से अर्जित धन को कैश में DP Enterprises के खातों में जमा कर RTGS के माध्यम से संबंधित फर्मों को भेजा जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि इसी तस्करी से जुड़ी एक खेप 17 अक्टूबर 2025 को अगरतला, त्रिपुरा में पकड़ी गई थी, जिसके संबंध में जीआरपी अगरतला पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।
आपराधिक इतिहास
1. मु0अ0सं0-2025/GRPS/104, धारा 21(सी)/29 एनडीपीएस एक्ट, थाना अगरतला, त्रिपुरा।
2. मु0अ0सं0-691/2025, धारा 336(3)/319(2)/318(4)/3(5) बीएनएस व 8/22/29/37/60 एनडीपीएस एक्ट, थाना नंदग्राम, गाजियाबाद।
गिरफ्तारी करने वाली टीम
स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच, कमिश्नरेट गाजियाबाद।
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