मनरेगा भ्रष्टाचार की जांच के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा जानलेवा हमला
सिद्धार्थनगर: जिले के विकासखंड इटवा की ग्राम पंचायत तिलोकपुर में मनरेगा घोटाले की जांच के दौरान ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों द्वारा क्षेत्र पंचायत सदस्य पर जानलेवा हमला कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत तिलोकपुर में मनरेगा योजना के तहत 34 लाख 95 हजार रुपये के गबन की शिकायत क्षेत्र पंचायत सदस्य रामपाल शुक्ला ने की थी। उन्होंने दिनांक 20 मार्च 2025 को माननीय मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव, ग्राम विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को प्रार्थना पत्र भेजकर एसआईटी जांच की मांग की थी।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए ग्राम विकास विभाग के आदेशानुसार जिला अपर कृषि अधिकारी सूरज कुमार मौर्य को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। सूरज कुमार ने रामपाल शुक्ला को फोन कर गांव में रहने को कहा। कुछ देर बाद ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार ने भी गांव पहुंचने की सूचना दी।
रामपाल शुक्ला जब गांव पहुंचे तो देखा कि जांच अधिकारी, ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव आपस में अलग से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान ग्राम प्रधान वंशु यादव ने खुलेआम कहा कि “कोई भी जांच कर ले, मेरा कुछ नहीं बिगड़ने वाला।”
इसी बीच, ग्राम प्रधान वंशु यादव पुत्र बृजलाल, राजाराम यादव, चंदन यादव, राम सजीवन और देवकी यादव ने जांच अधिकारी की मौजूदगी में ही रामपाल शुक्ला पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में रामपाल शुक्ला को गंभीर चोटें आईं और अन्य ग्रामीण भी घायल हुए।
घटना की सूचना पर 112 डायल पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष ने भी मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद रामपाल शुक्ला ने 25 अप्रैल 2025 को थाने में लिखित शिकायत देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, जांच के नाम पर भ्रष्टाचार को दबाने की कोशिश की जा रही थी और जब इसका विरोध किया गया तो हमला कर दिया गया। पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है।
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