तखरऊ पंचायत में मनरेगा घोटाला उजागर, प्रधान से 2.49 लाख की रिकवरी के आदेश
संवादाता:पंकज मिश्रा
करहल। विकासखंड करहल की ग्राम पंचायत तखरऊ में मनरेगा के तहत हुए भुगतान में बड़ी अनियमितता सामने आई है। शिकायत की जांच के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान नीलम देवी से 2.49 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। साथ ही पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बताया गया कि पूर्व प्रधान प्रत्याशी सचिन त्रिपाठी ने जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि मनरेगा मजदूरी का भुगतान नियमों के विपरीत किया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला लेखा परीक्षा अधिकारी मोहम्मद सुल्तान अंसारी को जांच सौंपी गई। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम प्रधान द्वारा अपने देवर के खाते में 2,03,270 रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा पंचायत सहायक रीता के पति शैलेश कुमार के खाते में 46,600 रुपये का भुगतान फर्जी निर्माण कार्य दिखाकर कर दिया गया। जांच अधिकारी ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग माना है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी, सीडीओ और डीपीआरओ को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने पंचायत सचिव सुभाष चंद्र को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित धनराशि की वसूली ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से करने का आदेश जारी किया गया है।
डीपीआरओ डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि तखरऊ ग्राम पंचायत में फर्जी कार्य दर्शाकर सरकारी धन का भुगतान किया गया। जांच में ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक और पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।












