एटा में मोबाइल गेम बना मौत की वजह: 1.10 करोड़ गंवाए, 80 लाख की संपत्ति बर्बाद, कर्ज से तंग आकर दी जान
संवादाता अमन अहमद: उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल गेम की लत ने एक व्यक्ति की ज़िंदगी पूरी तरह तबाह कर दी। कोतवाली देहात क्षेत्र के जिरसमी गांव निवासी यतेंद्र सिंह (38) ने मोबाइल गेमिंग में 1.10 करोड़ रुपये गंवा दिए। लगातार कर्ज के बोझ और साहूकारों की धमकियों से परेशान होकर मंगलवार रात यतेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों के अनुसार, यतेंद्र ने कोरोना काल में काम बंद हो जाने के बाद मोबाइल गेम खेलना शुरू किया था, जो धीरे-धीरे लत बन गई। उन्होंने अपनी लगभग 80 लाख रुपये की संपत्ति इस लत में गंवा दी। हालत यह हो गई थी कि वह शहर के कई साहूकारों से 30 लाख रुपये तक का कर्ज ले चुके थे।
उनके भाई चंद्रकेतु ने बताया कि यतेंद्र महीने में आरओ और आटा चक्की से मात्र 15 हजार रुपये की कमाई कर पा रहे थे, जबकि उन्हें हर महीने करीब 1.30 लाख रुपये की किश्त साहूकारों को चुकानी होती थी। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया।
परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यतेंद्र की मौत से उनकी पत्नी और बच्चों का बुरा हाल है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सिटी अमित कुमार राय ने बताया कि रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट होगा, और तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पिछले चार माह में कर्ज से परेशान तीन मौतें:
यह एटा जिले में कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या की तीसरी घटना है।
26 मार्च: कोतवाली नगर के भगीपुर गांव में युवक रामू ने फंदा लगाकर आत्महत्या की।
13 जून: अवागढ़ क्षेत्र में होमगार्ड सर्वेंद्रपाल ने चौकी के अंदर खुद को गोली मार ली थी।
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