नई दिल्ली | 1 फरवरी 2026 से सिगरेट-तंबाकू पर भारी टैक्स, कीमतों में बढ़ोतरी तय
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर कर व्यवस्था को और सख्त करते हुए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने उत्पाद शुल्क में संशोधन से जुड़ी नई अधिसूचना जारी की है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले के बाद तंबाकू उत्पादों की खुदरा कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
अधिसूचना के अनुसार सिगरेट की लंबाई और श्रेणी के आधार पर 1,000 सिगरेट पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। यह बढ़ा हुआ शुल्क मौजूदा 40 प्रतिशत जीएसटी के अलावा होगा। यानी उपभोक्ताओं को अब सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार इस फैसले का उद्देश्य तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करना और स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को कम करना है। सरकार का मानना है कि ऊंचे करों से तंबाकू उत्पादों की खपत में कमी आएगी, साथ ही राजस्व में भी इजाफा होगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू पर कर बढ़ाना एक प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय है। इससे खासकर युवाओं और नए उपभोक्ताओं में तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति पर अंकुश लग सकता है। वहीं, तंबाकू उद्योग से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि कर वृद्धि से बिक्री पर असर पड़ेगा और अवैध तंबाकू बाजार को बढ़ावा मिलने की आशंका भी रहेगी।
फिलहाल, नई कर दरों के लागू होने से पहले कंपनियां अपने दामों की समीक्षा कर रही हैं। माना जा रहा है कि 1 फरवरी 2026 के बाद सिगरेट और तंबाकू उत्पाद आम उपभोक्ता की पहुंच से और महंगे हो जाएंगे।
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