संवेदनशीलता, जवाबदेही और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अधिकारी करें कार्य: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे।

संवेदनशीलता, जवाबदेही और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अधिकारी करें कार्य: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे।

जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा।

जन शिकायतों का समाधान करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता समाधान शिविर बना भरोसे का मंच, मौके पर सुनी गईं समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश मुख्यमंत्री की पहल से आमजन को राहत, समाधान शिविर में शिकायतों के निपटारे पर प्रशासन का विशेष फोकस पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की ओर कदम, जनता समाधान शिविर में 17 शिकायतों पर हुई सुनवाई

पानीपत, 11 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे जनता समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है, वहीं संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर ही शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला सचिवालय सभागार में जनता समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने की। उन्होंने शिविर में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए।अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंशा है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं एवं समाधान उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि जनता समाधान शिविर प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम हैं, जिनके जरिए लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि जन शिकायतों का समाधान करना उनकी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, जवाबदेही और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करते हुए शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना चाहिए। एडीसी ने कहा कि आमजन की संतुष्टि ही प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना है। इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और उसका समय पर समाधान हो। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने पुलिस विभाग से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करना पुलिस विभाग की प्राथमिकता है तथा लोगों की शिकायतों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 17 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें अधिकांश शिकायतें क्रीड विभाग से जुड़ी हुई थीं। अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी शिकायतों का गहनता से अध्ययन कर निर्धारित समय सीमा में उनका समाधान सुनिश्चित करें। शिविर में गांव डिडवाड़ी के जगदीश, राजपाल, सतबीर और तेजवीर ने क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग उठाई। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध किया। वहीं एक अन्य प्रार्थी सरोज ने राशन कार्ड बनवाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। दो अन्य व्यक्तियों ने बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रखी। प्रार्थी प्रदीशा ने निराश्रित पेंशन स्वीकृत कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त कई अन्य नागरिकों ने फैमिली आईडी में त्रुटियों के सुधार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने मौके पर ही कई शिकायतों का समाधान किया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। शिविर में पहुंचे नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनता समाधान शिविरों के माध्यम से उनकी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंच रही हैं और उनके समाधान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल एवं प्रभावी हुई है। इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण, डीआरओ कनब लाकड़ा, सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन राजेश भारद्वाज, सुरेंद्र जोगी, आरटीओ डॉ. नीरज जिंदल, कृषि विभाग के सहायक अभियंता सुधीर, पुलिस कंप्लेंट अधिकारी सुरेश, संजीव शर्मा, जोगिंदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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