शासन के आदेशों की खुली अवहेलना? स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल पर गंभीर आरोप
संवाददाता शिक्षा तिवारी : उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 14 जनवरी 2026 तक विद्यालय बंद रखने के स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन संग्रामगढ़ क्षेत्र स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। शासन के निर्देशों के बावजूद स्कूल को बंद न रखने और बच्चों को विद्यालय परिसर के बाहर टहलने के लिए मजबूर किए जाने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल के प्रबंधक और प्रिंसिपल शासन की मंशा को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं। स्कूल के बच्चों को बुलाया गया, जिससे वे ठंड और असुरक्षित परिस्थितियों में बाहर घूमते नजर आए। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा और भविष्य दोनों के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरे प्रदेश में शासन के आदेश लागू हैं, तो क्या यह स्कूल खुद को इन नियमों से ऊपर समझता है? या फिर स्कूल प्रशासन यह मानकर चल रहा है कि उस पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
अभिभावकों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि शासन द्वारा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन की मनमानी बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
अब निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं। क्या दोषी स्कूल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो अन्य स्कूल भी शासन के आदेशों को हल्के में लेना शुरू कर सकते हैं।
शायद इन मनमाने लोगों के ऊपर कुछ असर पड़े जबकि जिले के बड़े बड़े विद्यालय यहां तक कि नवोदय , आइंस्टीन,नागेश सरस्वती इत्यादि कक्षा 8 तक बंद हैं ,पता नहीं कौन सी मंशा है और क्या खुशी मिलती है शासन के आदेशों की अनदेखी करने में












