गरीब पर पुलिस का कहर: शराब बेचने के आरोपी को थाने में पीटा, पत्नी से भी बदसलूकी!
संवाददाता बृजेन्द्र मौर्य
थाना किशनपुर, जनपद फतेहपुर के प्रभारी सत्यदेव गौतम पर गंभीर आरोप लगे हैं। महोली के डेरा मजरे महावतपुर असहट निवासी सोनू प्रसाद ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी और इस दौरान उसकी टीबी पीड़ित पत्नी से बदसलूकी की गई। इसके बाद दोनों को थाने लाकर बेरहमी से पीटा गया।
सोनू के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं, जो कथित पुलिसिया पिटाई की पुष्टि करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सोनू खुद यह स्वीकार करता दिख रहा है कि वह गुमटी से शराब बेचता था। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या किसी अपराधी को पकड़ने का मतलब यह है कि पुलिस कानून अपने हाथ में ले ले? क्या थाने की चारदीवारी में पीट-पीटकर इंसाफ देने की अनुमति कानून देता है?
सोनू का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने ₹30,000 की मांग की, और जब उसने देने से इनकार किया, तो फर्जी गांजे का मुकदमा लगाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। रातों-रात उस पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, किशनपुर थाने की कार्यशैली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस ही अत्याचार करेगी, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? क्या गरीब और कमजोर तबके के लोगों को न्याय से वंचित करना अब कानून का हिस्सा बन चुका है?
अब निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर टिकी हैं। क्या थाना प्रभारी सत्यदेव गौतम और उनकी टीम पर निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी रफा-दफा कर दिया जाएगा, जैसा कि कई बार पहले भी हो चुका है?
फिलहाल जनपद में इस मामले को लेकर रोष और चिंता का माहौल है, और आम जनमानस यह जानना चाहता है कि क्या वर्दी का घमंड कानून पर भारी पड़ेगा या फिर सच में न्याय होगा?
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