नीट पेपर लीक और आर्थिक मुद्दों पर केंद्र सरकार पर बरसे प्रमोद तिवारी
जिला संवाददाता अमित शुक्ला
प्रतापगढ़। प्रमोद तिवारी ने नीट-2026 परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द होना 22-23 लाख से अधिक छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है। श्री तिवारी ने कहा कि सरकार केवल सीबीआई जांच और कार्रवाई की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रही है, जबकि यह कोई संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।उन्होंने कहा कि संसद से लेकर विधानसभा तक पेपर लीक का मुद्दा उठ चुका है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। श्री तिवारी ने कहा कि छात्रों का जो समय और मानसिक नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। आर्थिक मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार में देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगातार गिर रही है। उन्होंने कहा कि आज डॉलर की कीमत 95.32 रुपये से ऊपर पहुंच गई है, जो देश की आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के पेट्रोल-डीजल बचाने और सोना कम खरीदने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरों को सलाह देने से पहले सरकार और भाजपा को स्वयं फिजूलखर्ची रोकनी चाहिए। श्री तिवारी ने सवाल उठाया कि विभिन्न राज्यों के शपथ ग्रहण समारोहों में बड़ी संख्या में नेताओं और अधिकारियों की आवाजाही पर कितना ईंधन खर्च होता है। उन्होंने कहा कि सादगीपूर्ण तरीके से भी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते है












