मारहरा में रोडवेज के रंग में दौड़ रहीं निजी बसें: परिवहन विभाग को हो रहा लाखों का नुकसान, यात्रियों से वसूला जा रहा मनमाना किराया
संवाददाता मुकेश कुमार
एटा। मारहरा क्षेत्र में रोडवेज बसों के रंग में रंगी निजी बसों का बेखौफ संचालन जारी है। ये बसें मारहरा से दिल्ली तक का सफर तय करती हैं और यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रही हैं। परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण इन बसों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे विभाग को हर माह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मारहरा से दिल्ली के बीच फिलहाल परिवहन निगम की केवल एक बस का संचालन होता है। इसी कमी का फायदा उठाकर आधा दर्जन से अधिक निजी बस संचालकों ने अपनी बसों को रोडवेज जैसी पेंटिंग और नाम से सजा लिया है, जिससे यात्री भ्रमित होकर इन बसों में सवार हो जाते हैं। यात्रियों का कहना है कि ये निजी बसें मनमर्जी से किराया वसूलती हैं। किसी से 400 रुपये तो किसी से 600 रुपये तक का किराया लिया जा रहा है। बसों में टिकट नहीं दिए जाते और सुरक्षा मानकों की भी खुलेआम अनदेखी की जा रही है।इस मामले में एटा के एआरएम नरेश गुप्ता ने बताया कि इस तरह की शिकायतें पहले भी मिल चुकी हैं। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन डग्गामार बसों पर रोक लगाए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और सरकारी राजस्व की हानि न हो।












