जिला कारागार एटा का त्रैमासिक निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुन दिए आवश्यक निर्देश।
संवाददाता अमन अहमद।
एटा, 24 जून। जिला कारागार एटा में बुधवार को बोर्ड ऑफ विजिटर्स समिति द्वारा त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुनना, कारागार की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना तथा शासन और न्यायालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। निरीक्षण का नेतृत्व जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश धर दुबे ने किया। उनके साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार-11, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेखा, जिलाधिकारी अरविंद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद तथा लोक निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ललित अग्रवाल भी मौजूद रहे। समिति ने बंदियों से उनके मुकदमों की स्थिति, अधिवक्ताओं की उपलब्धता और न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। जिन बंदियों के पास कानूनी सहायता उपलब्ध नहीं थी, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। कुछ बंदियों ने जमानत, पेशी की तारीखों और सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने से संबंधित समस्याएं रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान जेल परिसर की स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। जनपद न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा मानसून और गर्मी के मौसम को देखते हुए डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। महिला बैरक का निरीक्षण प्रभारी सचिव सुरेखा द्वारा किया गया, जहां महिला बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी गईं। समिति ने कारागार के अभिलेखों एवं रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए जेल प्रशासन को स्वच्छता, स्वास्थ्य और बंदियों के अधिकारों के संरक्षण संबंधी निर्देश दिए। इस दौरान जेल अधीक्षक अंकिक्षिता श्रीवास्तव, जेलर प्रदीप कुमार कश्यप, कारागार चिकित्सक डॉ. उत्सव जैन, डिप्टी जेलर शशिकला वर्मा, सत्यपाल सिंह सिसोदिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण को कारागार व्यवस्थाओं की समीक्षा और बंदियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












