हीरागंज में अवैध क्लीनिक पर छापेमारी, 06 बंडल राजकीय औषधियाँ बरामद कथित डॉक्टर गिरफ्तार, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

हीरागंज में अवैध क्लीनिक पर छापेमारी, 06 बंडल राजकीय औषधियाँ बरामद कथित डॉक्टर गिरफ्तार, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

दैनिक चक्र प्रतापगढ़ अवधेश चंद्र पांडेय 

प्रतापगढ़ थाना महेशगंज क्षेत्र के हीरागंज बाजार स्थित मन्नत क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग और थाना महेशगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक का पर्दाफाश किया। इस छापेमारी के दौरान क्लीनिक से 06 बंडल राजकीय औषधियाँ बरामद की गईं, जिनका अवैध रूप से वितरण किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से क्लीनिक संचालक और कथित डॉक्टर अरशद अहमद को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतापगढ़ के निर्देश पर उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आजाद अहमद, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. आर.पी. सिंह और डॉ. राजेश कुमार के साथ थाना महेशगंज पुलिस के उपनिरीक्षक प्रभाशंकर सचान के नेतृत्व में छापेमारी की। टीम को जानकारी मिली थी कि हीरागंज बाजार स्थित मन्नत क्लीनिक अवैध रूप से संचालित हो रहा है, जहां बिना किसी वैध पंजीकरण के मरीजों का इलाज किया जा रहा था। छानबीन के दौरान यह भी पाया गया कि क्लीनिक में राजकीय औषधियों का भंडारण और वितरण किया जा रहा था, जो कि पूरी तरह से गैरकानूनी है।गिरफ्तार कथित डॉक्टर अरशद अहमद, पुत्र डॉक्टर इजहार अहमद, निवासी कुण्डा बस स्टेशन रोड, थाना कुण्डा, जनपद प्रतापगढ़ के खिलाफ थाना महेशगंज में मु.अ.सं. 30/2026 धारा 318(4)/317(2) बीएनएस, धारा 27(ख)(II) औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा धारा 34(2) राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।छापेमारी के दौरान टीम ने क्लीनिक के अंदर से 06 बंडल राजकीय औषधियाँ बरामद कीं, जिनमें कई प्रकार की दवाइयाँ शामिल थीं। यह औषधियाँ सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वितरण के लिए थीं, लेकिन इन्हें अवैध रूप से मन्नत क्लीनिक में इस्तेमाल किया जा रहा था। क्लीनिक में मरीजों का बिना किसी लाइसेंस और चिकित्सा योग्यता के इलाज किया जा रहा था। मौके पर क्लीनिक का कोई पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं पाया गया।इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों में चर्चा का माहौल बन गया है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की प्रशंसा की है। नागरिकों का कहना है कि ऐसे अवैध क्लीनिक गरीब और अनजान मरीजों को लूटने और उनकी जान से खिलवाड़ करने का जरिया बनते हैं। लोगों ने इस तरह की कार्रवाई को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की है।इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय और क्षेत्राधिकारी सदर करिश्मा गुप्ता के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी महेशगंज राधेश्याम और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग की टीम में उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आजाद अहमद, डॉ. आर.पी. सिंह और डॉ. राजेश कुमार ने भी सक्रियता दिखाते हुए इस अवैध क्लीनिक का पर्दाफाश किया।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। इन क्लीनिकों से न केवल सरकारी दवाओं का दुरुपयोग होता है, बल्कि मरीजों के जीवन को भी खतरे में डाला जाता है। विभाग ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।इस कार्रवाई ने क्षेत्र में यह साफ संदेश दे दिया है कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और सरकारी दवाओं की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई ने क्षेत्र में अपराधियों और अवैध काम करने वालों के लिए सख्त चेतावनी दी है।अवैध क्लीनिक के संचालन और सरकारी दवाओं के दुरुपयोग को लेकर इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

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