राजस्व मामलों की जांच में बड़ा बदलाव अब नायब तहसीलदार करेंगे जांच, सुनवाई के बाद ही होगी रिपोर्ट
स्टेट संवाददाता विष्णु रावत उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व मामलों से जुड़ी शिकायतों की जांच प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनता दर्शन में मिल रही लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि अब लेखपाल की रिपोर्ट को अंतिम नहीं माना जाएगा।
लेखपाल स्तर की जांच पर रोक
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर अब राजस्व मामलों की जांच लेखपाल नहीं करेंगे। नायब तहसीलदार से नीचे का कोई अधिकारी अब इस प्रकार की जांच के लिए अधिकृत नहीं होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जांच प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत हो।
सुनवाई के बाद होगी रिपोर्ट तैयार
नया नियम यह भी तय करता है कि नायब तहसीलदार शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही अपनी रिपोर्ट देंगे। इस प्रकार अब किसी भी मामले में एकतरफा रिपोर्ट नहीं मानी जाएगी।
अंतिम निर्णय SDM स्तर पर
राजस्व मामलों से जुड़ी शिकायतों का अंतिम निपटारा उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर पर किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मामलों की निष्पक्ष जांच हो और जनता को समय पर न्याय मिले।
सीएम कार्यालय जनता की शिकायतों को लेकर सख्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार जनता की शिकायतों को लेकर गंभीर है। अब कोई भी मामला केवल फाइलों की रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि सुनवाई और ठोस जांच के आधार पर सुलझाया जाएगा।
यह फैसला राजस्व मामलों में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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