प्रेमानंद जी पर टिप्पणी को लेकर रामभद्राचार्य जी की सफाई
प्रसिद्ध संत रामभद्राचार्य जी ने प्रेमानंद जी महाराज को लेकर दिए गए अपने बयान पर दी सफाई
मैंने कोई अभद्र टिप्पणी नहीं की। वह मेरे बेटे समान हैं। जब भी मिलेंगे, मैं उन्हें आशीर्वाद दूंगा।
लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। रामभद्राचार्य जी का पूर्व कथन था:
“मैं उन्हें कोई चमत्कार नहीं मानता, संस्कृत में एक अक्षर बोलकर दिखा दें।”
इसे लेकर प्रेमानंद जी के भक्तों में गहरा आक्रोश
विवादों से घिरे रहते हैं रामभद्राचार्य
कभी ब्राह्मण समाज के पाठक, शर्मा, दीक्षित, भारद्वाज जातियों को “नीच-अधम” कहकर किया अपमान
दलित और पिछड़ों के आरक्षण को समाप्त करने की मांग कर चुके
संविधान को लेकर भी कई बार दे चुके हैं विवादास्पद बयान
राजनीतिक संबंधों पर भी उठ रहे सवाल
पहले मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाते थे
मायावती सरकार में भी खूब रहा मेलजोल
अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री रहते अपने आश्रम में बुलाया मुख्य अतिथि पिछली सरकारों से मिली कई सरकारी योजनाओं की सुविधाएं
अब भक्तों की संख्या में तेजी से गिरावट, सोशल मीडिया पर हो रहे तीखे सवाल
आरोप “जो संत प्रसिद्ध होता है, उसे नीचा दिखाना इनकी आदत बन चुकी है”
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