हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक अनोखा कारनामा किया है।
संवाददाता सायरा सूर्यवंशी वैज्ञानिक एजेंसी भारत उन्होंने गांजे (Cannabis) के पौधे के उन एंजाइम्स को लैब में दोबारा जिंदा कर दिया है जो लाखों साल पहले विलुप्त हो चुके थे।
इसे करने के लिए उन्होंने आधुनिक पौधों के DNA का विश्लेषण किया और कंप्यूटर की मदद से उनके पूर्वजों के जेनेटिक कोड का पता लगाया।
विज्ञान की भाषा में इस तकनीक को ‘Ancestral Sequence Reconstruction’ कहते हैं।
जब उन्होंने इन पुराने एंजाइम्स को टेस्ट किया, तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई।
आज के पौधों में नशा (THC) और दवा (CBD) बनाने वाले एंजाइम अलग-अलग होते हैं, लेकिन उनका पूर्वज एक ‘ऑलराउंडर’ था।
वह अकेला ही ये सारे रसायन बना सकता था। यह खोज बताती है कि समय के साथ पौधे ने कैसे खुद को बदला।
सबसे खास बात यह है कि यह प्राचीन एंजाइम आज के एंजाइम से ज्यादा मजबूत है,
जिससे भविष्य में दर्द निवारक दवाइयाँ बनाना बहुत आसान और सस्ता हो जाएगा।
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