ग्रामीण पत्रकार ही पत्रकारिता की असली रीढ़ : जिलाध्यक्ष केके तिवारी
संवाददाता ब्रिजेन्द्र मौर्य
मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण पत्रकार
फतेहपुर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, फतेहपुर इकाई ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष कुमुद तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पत्रकार कलेक्ट्रेट पहुंचे और ग्रामीण पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
जिलाध्यक्ष केके तिवारी ने कहा कि ग्रामीण अंचल में कार्यरत पत्रकार पत्रकारिता की असली रीढ़ हैं। गांव, कस्बों और सुदूर अंचलों की समस्याओं को मुख्यधारा तक पहुंचाने में उनकी भूमिका सबसे अहम है, लेकिन वे अक्सर उपेक्षा, संसाधनों की कमी और प्रशासनिक उदासीनता का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को ग्रामीण पत्रकारों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
सात सूत्रीय मांगों की मुख्य बातें
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं
1. कार्यालय भवन का आवंटन – राज्य मुख्यालय लखनऊ में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराया जाए, जिससे सुदूर जिलों से आने वाले पत्रकारों को रुकने व बैठकें करने में सुविधा मिल सके।
2. आयुष्मान भारत योजना का लाभ – मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह ग्रामीण पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया जाए, ताकि वे और उनके परिवार कैशलेस इलाज करा सकें।
3. बीमा व पेंशन योजना – ग्रामीण पत्रकारों को शासन स्तर से बीमा सुविधा दी जाए। साथ ही, 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना शुरू की जाए।
4. फर्जी मुकदमों पर रोक – पत्रकारों के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज करने से पहले किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच अनिवार्य की जाए, ताकि उत्पीड़न रोका जा सके।
5. तहसील स्तर पर बैठकें – राज्य व जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति की तरह तहसील स्तर पर भी प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीण पत्रकारों की नियमित बैठक कराई जाए।
6. दुर्घटना सहायता – प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में मृत पत्रकार के परिजनों को किसान बीमा योजना की तर्ज पर तत्काल 5 लाख रुपये की सहायता और मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए।
7. सूची तैयार कर लाभ उपलब्ध कराना – जिला सूचना कार्यालय के माध्यम से योग्य पत्रकारों की सूची तैयार कर सभी लाभ योजनाओं से जोड़ा जाए।
नेताओं और संपादकों के विचार
संपादक सुजान सिंह गौतम ने कहा कि जिला सूचना कार्यालय से पात्र पत्रकारों की सूची तैयार की जानी चाहिए ताकि योजनाओं का लाभ सही व्यक्तियों तक पहुंच सके। संपादक अमरजीत सिंह ने लंबे समय से आंचलिक पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ ग्रामीण पत्रकारों के लिए पेंशन योजना लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मौके पर रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी और पत्रकार साथी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें जिलाध्यक्ष केके तिवारी के साथ महेश त्रिपाठी, विमल सिंह, डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, सौरभ सिंह,रोहित अग्रहरी, नरेंद्र श्रीवास्तव, प्रवेश, अजय प्रताप, प्रवीण कुमार, शेखर अवस्थी, जितेंद्र वर्मा, भोले शुक्ला, भूपेंद्र प्रताप सिंह, गोपी तिवारी, मोईन, दीपक वैश, चेतन बाजपेई, धर्मेंद्र दीक्षित, मुकेश द्विवेदी, श्रीराम साहू, आदि शामिल रहे।
ग्रामीण पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर मांगों को शीघ्र पूरा करेगी, ताकि आंचलिक पत्रकारिता को मजबूती मिल सके और लोकतंत्र की चौथी कड़ी अधिक सशक्त बन सके।
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