जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच संवाद हेतु ‘संवाद सेतु’ का हुआ शुभारम्भ,गाजियाबाद, हरदोई और कन्नौज से पायलट प्रॉजेक्ट की हुई शुरुआत
संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर


राज्यमंत्री ने समयबद्ध तैयारियों को लेकर जिलाधिकारियों को दिए निर्देश अब 10 मिनट में सुनिश्चित होगा जवाब, कमांड सेंटर करेगा मॉनिटरिंग गाजियाबाद। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद को अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में 25 फरवरी से ‘संवाद सेतु’ (जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर) व्यवस्था लागू की गयी है। यह व्यवस्था पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गाजियाबाद, हरदोई और कन्नौज जनपदों में शुरू हुई। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीनों जनपदों में संवाद सेतु का शुभारम्भ किया। उन्होनें सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि यह योजना सुचारु रूप से संचालित हो। इस अवसर पर गाजियाबाद जिले के साथ-साथ कन्नौज और हरदोई जिले के जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इस मीटिंग से जुड़े। ‘संवाद सेतु’ का मुख्य उद्देश्य यह है कि जब मंत्रीगण या हमारे जनप्रतिनिधि किसी सरकारी कार्यालय में किसी अधिकारी से संपर्क करना चाहें, लेकिन अगर किसी कारणवश अधिकारी का फोन नहीं उठता, तो एक विशेष नंबर 9217575500 पर कॉल दर्ज कराई जा सकती है, जिससे संवाद अधिकारी से संपर्क हो सके। फोन न उठने की समस्या का समाधान* इस नई व्यवस्था के अंतर्गत हर जनपद में जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। अगर किसी अधिकारी द्वारा जन प्रतिनिधि की कॉल 10 मिनट के भीतर रिसीव या कॉल बैक नहीं की जाती है, तो जनप्रतिनिधि कमांड सेंटर को सूचित कर सकेंगे।कमांड सेंटर संबंधित अधिकारी को तुरंत कॉल बैक के लिए निर्देशित करेगा और संवाद सुनिश्चित करेगा। सम्मान भी, जिम्मेदारी भी यह व्यवस्था केवल कार्य दिवसों और कार्यालय समय में और सरकारी सीयूजी नंबरों पर लागू होगी। बेहतर संवाद और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही की स्थिति में रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। गौरतलब है कि यह पहल विधानसभा में उठे मुद्दे के बाद अमल में लाई जा रही है। इस संबंध में राज्यमंत्री श्री असीम अरुण ने सुझाव दिया था।












