प्रोटोकॉल को लेकर तकरार, अनशन पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

प्रोटोकॉल को लेकर तकरार, अनशन पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

संवाददाता बिपिन मिश्रा कुंडा प्रतापगढ़ 

प्रयागराज। संगम की रेती पर आस्था के सबसे बड़े समागम माघ मेला के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिर्णीत काल के लिए अनशन शुरू कर दिया है।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मांग है कि उन्हें और उनके काफिले को उचित प्रोटोकॉल के साथ गंगा स्नान कराया जाए। विवाद तब बढ़ा जब शंकराचार्य अपने शिष्यों और भक्तों के साथ संगम की ओर प्रस्थान कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों या रूट डायवर्जन का हवाला देते हुए प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।

धक्कामुक्की से भड़का आक्रोश

प्रत्यक्षदर्शियों और आश्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और भक्तों के साथ तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। संतों का आरोप है कि प्रशासन ने जगतगुरु के सम्मान और गरिमा का ध्यान नहीं रखा।जब तक हमें ससम्मान और तय प्रोटोकॉल के साथ गंगा स्नान की अनुमति नहीं मिलती, तब तक अन्न-जल का त्याग जारी रहेगा। शंकराचार्य के शिविर से जारी संदेश

प्रशासन की स्थिति

वहीं, दूसरी ओर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि वे मेले की व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखकर कदम उठा रहे हैं, लेकिन शंकराचार्य की वापसी और उनके अनशन पर बैठने से मेला क्षेत्र में माहौल काफी गरमा गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके समर्थन में जुटने लगे हैं।

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