आगरा में स्मार्ट मीटर के खिलाफ सपा का उग्र प्रदर्शन: पुलिस से नोकझोंक, गेट पर चढ़े कार्यकर्ता
स्टेट ब्यूरो चीफ विष्णु रावत 




आगरा में स्मार्ट मीटर के विरोध को लेकर सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धौलपुर हाउस से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। गेट बंद किए जाने पर नाराज कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश में गेट पर चढ़ गए, हालांकि इस दौरान कोई बड़ा हादसा टल गया। करीब दो घंटे तक धौलपुर हाउस पर जुटे कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब वे ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। रस्सी बांधकर रास्ता बंद किया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ गया। कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़ गए, जबकि कुछ सड़कों पर बैठकर विरोध जताने लगे। पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में अधिकारियों ने मौके पर ही ज्ञापन स्वीकार कर लिया। सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और पुलिस का यह रवैया गलत है। वहीं, महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को आम जनता के शोषण का माध्यम बताया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर में पारदर्शिता की कमी है। पहले जहां 1500 रुपये तक का बिल आता था, अब उपभोक्ताओं को 3 से 4 हजार रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है। रिचार्ज के बावजूद समय पर बिजली न मिलने, बिना सूचना कनेक्शन काटने और फिक्स चार्ज वसूलने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सपा नेताओं का कहना है कि मजदूर, किसान और छोटे दुकानदारों के लिए प्रीपेड बैलेंस बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में गलत बिल वसूले जाने के बाद पैसे वापस किए गए हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।












