“शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर सख्त प्रशासन: देरी बर्दाश्त नहीं — अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर”
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत, हरियाणा
पानीपत, 12 दिसंबर। जिला सचिवालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित समाधान प्रकोष्ठ की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जनता से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। बैठक की वर्चुअल अध्यक्षता कर रहे हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर (आईएएस) ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में अब किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि “जनता की शिकायतें हमारे लिए केवल फ़ाइलें नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और विश्वास की परीक्षा हैं।” उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निपटान निर्धारित समय-सीमा में, पारदर्शिता और ठोस कार्रवाई के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता जनता है और यह प्राथमिकता कार्यों में साफ दिखाई देनी चाहिए। बैठक के बाद नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की और कहा कि सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी शाखाओं से संबंधित कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। उन्होंने बताया कि शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को और तेज़ व सरल बनाया जाएगा। जिन शिकायतों का समाधान किसी कारणवश संभव नहीं है, उनमें अधिकारी स्पष्ट कारण अंकित कर शिकायत को समय पर निपटाएं, उसे लंबित न छोड़ें। एसडीएम मनदीप कुमार ने बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई अब अनिवार्य है। किसी भी विभाग में शिकायतों को लंबित रखना या निस्तारण में देरी करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान ही प्रशासन की वास्तविक सफलता है, इसलिए अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं।
बैठक में सीईओ डॉ. किरण, सीएमओ विजय मलिक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएसपी राजबीर, पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. संजय आंतिल, आरटीओ डॉ. नीरज जिंदल, जिला रोजगार अधिकारी रितु चहल, कोच पूनम सिंह, फिशरी अधिकारी मदन मोहन, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन करण बहल, एसडीओ सूबे सिंह, बिजली विभाग के एक्सईएन आदित्य कुंडू, संजीव शर्मा, रमेश, जोगिंदर सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।












