हालात इस कदर… पढ़े-लिखे माफिया बने सिस्टम के रखवाले! जो विद्यालय में समय पर नहीं पहुंच रहे हैं
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
जिस फोटो को आप देख रहे हैं, वह किसी आम भीड़ का नहीं है। यह भीड़ है देश के नौनिहालों की—उन बच्चों की, जो अपने भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा के मंदिर के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मामला जनपद एटा के शिकोहाबाद रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। शासनादेश के अनुसार विद्यालय को सुबह 9:30 बजे खुल जाना चाहिए था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सुबह 9:56 बजे तक भी स्कूल का कोई स्टाफ मौके पर नहीं पहुँचा। वीडियो में समय स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस दौरान दर्जनों मासूम बच्चे स्कूल गेट के बाहर खड़े रहकर पढ़ाई शुरू होने का इंतजार करते रहे। चौंकाने वाली बात यह भी है कि इसी विद्यालय की इमारत में शीतलपुर ABSA का कार्यालय भी संचालित है। नियमों के अनुसार ABSA दीप्ती गुप्ता को भी सुबह 9:30 बजे कार्यालय में उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन वह भी नदारद रहीं। न स्कूल खुला, न कार्यालय—पूरी व्यवस्था मानो सवालों के घेरे में है। यदि मामले की गहराई में जाएँ, तो ABSA दीप्ती गुप्ता की पोस्टिंग को लेकर भी घालमेल की बात सामने आ रही है, जिसकी जानकारी आगे शासन और जनता के सामने रखी जाएगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
स्कूल तय समय पर क्यों नहीं खुला?
बच्चों को इंतजार कराने का जिम्मेदार कौन है?
ABSA कार्यालय समय पर क्यों नहीं पहुँचीं?
अब देखना यह होगा कि BSA दिनेश कुमार इस पूरे प्रकरण पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
क्योंकि सवाल सिर्फ देरी का नहीं है, सवाल बच्चों के भविष्य का है।












