प्रयागराज में दो डॉक्टरों पर गंभीर आरोप मुख्यमंत्री ने जांच के दिए आदेश
संवाददाता आलोक मिश्रा की रिपोर्ट
प्रयागराज में मुस्लिम डॉक्टर का मामला सीएम योगी के जनता दरबार में पहुंच गया शिकायत करने वाले का कहना है की मेजा के डॉक्टर अधीक्षक शमीम अख्तर जातिवाद धर्मवाद करते हैं हिंदुओं के प्रति व्यवहार गलत कर रहे हैं
आयुष चिकित्सालय डॉक्टर रेशमा खान की एडवांस में हाजिरी रजिस्टर पर भी साइन करके ड्यूटी चढ़ाई जा रही है महीने में 8 दिन पहुंचने का ड्यूटी पर गंभीर आरोप सीएम के जनता दरबार में यह मामला पहुंचने के बाद जांच के आदेश होने के बाद जांच कमेटी बनी और डॉक्टर शमीम अख्तर और रेशमा खान को दोषी पाया गया शिकायत करने वाले इंजीनियर अजय कांत ओझा ने कहा जांच में दोषी पाए जाने के बाद डॉक्टर समीम को कार्रवाई से बचा लिया गया जबकि रेशमा को मेजा से हटाकर फूलपुर भेज दिया गया
अब इस मामले को लेकर फिर से मुख्यमंत्री दरबार ले जाने की तैयारी में है शिकायतकर्ता इसकी शिकायत पहले 15 अक्टूबर को प्रमुख सचिव से की गई थी स्वास्थ्य विभाग के अपर चिकित्सा अधिकारी से की गई थी इसकी जाच की गई
प्रयागराज के सीएमओ अरुण कुमार तिवारी से रिपोर्ट मांगी गई
27 अक्टूबर को तीन डॉक्टरों की जांच टीम बना दी गई इसमें चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी के पांडे जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉक्टर श्याम कन्हैया सिंह प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर निशा सोनकर शामिल रही शिकायतकर्ता अजय कांत ओझा ने लिखित बयान में बताया कि रेशमा खान आयुष चिकित्सालय महीने में मात्र 8 दिन ही चिकित्सालय में उपस्थिति रहती हैं महिला मरीजों के उपचार की आवश्यकता पर वह उपलब्ध नहीं रहती और सर्वेश कुमार पांडे ने अपने बयान में लिखा है कि डॉक्टर रेशमा खान सप्ताह में दो से तीन दिन आती है तथा ओपीडी रजिस्टर्ड अपने साथ ले जाती हैं उन्होंने यह भी बताया कि अपनी पत्नी को डॉक्टर रेशमा को दिखाने मै खुद गया पर वह नहीं थी लेकिन सर्वेश ने अपनी ओर से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जबकि अधीक्षक डॉक्टर शमीम अख्तर ने बताया कि डॉक्टर रेशमा रोज अस्पताल में आती हैं
जब यह मामला मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचा तो हड़काम मच गया और डॉक्टर ने अपनी खिलाफ साजिश होने का हवाला दिया












