बारात में दूल्हे के लिए जिला जज की यह इनोवा गाड़ी बुकिंग हेतु खाली है। बुकिंग के लिए संपर्क कर सकते हैं
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा
सच कहा गया है कि रईसी 7 पुश्त तक नहीं जाती और दरिद्रता भी 7 पुश्त तक नहीं जाती। यक्ष प्रश्न है कि क्या एक जिला जज की गाड़ी को बारात में दूल्हे की गाड़ी के रूप में सजावट के साथ ले जाना उचित है
फाफामऊ से प्रयागराज जाते समय ये इनोवा गाड़ी मिली जो किसी बारात से वापस लौटी थी। बारात से वापस लौटी थी, ऐसा इसलिए कहना पड़ा, क्योंकि गाड़ी दूल्हे की गाड़ी की तरह सजाई गई थी। परन्तु गाड़ी के पीछे “जिला जज” लिखा हुआ था। एक जगह सत्यमेव जयते और अशोक स्तम्भ भी बना हुआ था। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि ये गाड़ी किसी जिला जज साहब की है। गाड़ी नम्बर तो प्रयागराज जनपद का है। अब जिला जज साहब किस जनपद में तैनात हैं, ये कह पाना मुश्किल होगा।












