जनपद कायमगंज में प्रीपेड मीटर के विरोध में व्यापारियों का हल्लाबोल
संवाददाता योगेन्द्र सिंह मुख्यमंत्री को भेजा 19 सूत्रीय मांग पत्र, आंदोलन की चेतावनी
कायमगंज (फर्रुखाबाद): क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा प्रीपेड मीटर लगाए जाने की संभावित योजना को लेकर व्यापारियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। बुधवार को व्यापारियों ने इस योजना के खिलाफ रोटोेल स्थित बिजली उपकेंद्र पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने अधिशासी अभियंता के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो व्यापारी वर्ग बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
प्रीपेड मीटर को लेकर प्रमुख आपत्तियां
व्यापारियों का कहना है कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के हित में नहीं है और इससे अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें उठाई गईं—
सिक्योरिटी राशि की वापसी:
प्रीपेड सिस्टम लागू होने पर पहले से जमा सुरक्षा धनराशि रखने का कोई औचित्य नहीं, इसे तत्काल लौटाया जाए।
अतिरिक्त चार्ज खत्म हों:
फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी समाप्त कर केवल वास्तविक यूनिट खपत के आधार पर बिलिंग की जाए।
भ्रष्टाचार पर रोक:
मीटर बदलते समय मौके पर ही 100% मामलों में सीलिंग सर्टिफिकेट दिया जाए, ताकि लैब जांच के नाम पर फर्जी बिजली चोरी के आरोप न लगाए जा सकें।
पुराने पीडी मामलों से राहत:
25–30 साल पुराने पीडी कनेक्शनों पर आरसी जारी करना अवैध वसूली बताया गया, जिस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
ओटीएस योजना का विस्तार:
एकमुश्त समाधान योजना (OTS) का लाभ औद्योगिक एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी दिया जाए।
बिजली कटौती पर सख्त रुख
व्यापारियों ने अघोषित बिजली कटौती पर नाराजगी जताते हुए कहा कि—
बिजली कटौती का रोस्टर सार्वजनिक किया जाए
बिना सूचना कटौती बंद हो
अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में संबंधित जेई और एसडीओ की जवाबदेही तय की जाए
इनकी रही प्रमुख मौजूदगी
प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से
पवन गुप्ता, मनोज कौशल, संजय गुप्ता, अमित सेठ, संजीव अग्रवाल, लखपति बाबू सक्सेना, रश्मि दुबे, मधु गंगवार, आरती कश्यप और अतुल गुप्ता शामिल रहे।
स्पष्ट चेतावनी
व्यापारियों ने साफ कहा कि बिना पारदर्शिता, सहमति और उपभोक्ता-हित सुनिश्चित किए किसी भी नई योजना को थोपना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और जरूरत पड़ी तो व्यापारी वर्ग सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।












