UP बोर्ड का छात्रों के हित में बड़ा कदम, सिर्फ अधिकृत किताबों से होगी पढ़ाई, आर्थिक बोझ होगा कम।
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा
उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सस्ती बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि अब सत्र 2026-27 से सभी स्कूलों में केवल अधिकृत पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। अनधिकृत किताबों और गाइड पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।।
परिषद के अनुसार, कई स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और गाइड छात्रों पर थोपी जा रही थीं। ये किताबें परिषदीय पुस्तकों से 149% से लेकर 361% तक महंगी पाई गईं. इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। अब ऐसे मामलों में सीधे कार्रवाई होगी। यदि कोई स्कूल या शिक्षक छात्रों को अनधिकृत किताबें खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
सभी स्कूलों पर लागू होंगे नियम
यह आदेश सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। बल्कि राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी (स्ववित्त पोषित) सभी स्कूलों को इसका पालन करना होगा। परिषद ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिषद ने निर्देश दिया है कि 15 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर स्कूलों का निरीक्षण किया जाए। जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे लगातार निगरानी करें और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई होगी।
छात्रों और अभिभावकों की मदद के लिए परिषद ने असली किताब पहचानने का तरीका भी बताया है।हर अधिकृत किताब के कवर पेज पर 7 अंकों का अल्ट्रा वायलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग का सीरियल नंबर होगा। जिस किताब पर यह नंबर नहीं होगा, उसे अनधिकृत माना जाएगा।।












