टेलीग्राम पर बढ़ रहे ऑनलाइन ठगी के मामले, यूज़र्स रहें सतर्क
नई दिल्ली। सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्लीकेशंस के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही साइबर ठगों ने भी अपनी चालें तेज कर दी हैं। लोकप्रिय मैसेजिंग एप Telegram अब साइबर अपराधियों का नया अड्डा बनता जा रहा है। यहाँ रोज़ाना हजारों यूज़र्स को अलग-अलग तरीकों से जाल में फंसाकर ठगी की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठग फर्जी निवेश, क्रिप्टो ऑफर, फेक लोन, नौकरी और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी तरकीबों से भोले-भाले लोगों को निशाना बना रहे हैं।

- टेलीग्राम पर प्रचलित ठगी के प्रमुख तरीके
फर्जी निवेश (Fake Investment Scam): ग्रुप या चैनल बनाकर कहा जाता है – “500 रुपये लगाओ और 5000 रुपये पाओ।” अधिकतर मामले क्रिप्टो, शेयर मार्केट और बेटिंग से जुड़े होते हैं।
क्रिप्टो/एयरड्रॉप ठगी (Crypto Scam): फ्री क्रिप्टो देने का लालच देकर लिंक पर क्लिक करवाया जाता है। पीड़ित का पूरा *वॉलेट* खाली हो जाता है।
लोन स्कैम: “इंस्टेंट लोन” देने के नाम पर आधार, पैन और आईडी प्रूफ मांगे जाते हैं। बाद में इन्हीं दस्तावेज़ों से ब्लैकमेल किया जाता है।
जॉब स्कैम: वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन जॉब के नाम पर एडवांस फीस वसूली जाती है। पैसा मिलते ही आरोपी पीड़ित को ब्लॉक कर देते हैं।
फेक ऐप/लिंक: बैंकिंग, यूपीआई और ट्रेडिंग के नकली ऐप या लिंक भेजकर लॉगिन डिटेल्स चुरा ली जाती हैं।
रोमांस/फ्रेंडशिप ठगी: आकर्षक डीपी और प्रोफाइल बनाकर दोस्ती का झांसा दिया जाता है। धीरे-धीरे पैसों की मांग कर ब्लैकमेल किया जाता है।
लॉटरी/इनाम ठगी: मैसेज आता है – “आपने लॉटरी जीती है, टैक्स भरकर इनाम लें।” टैक्स भरते ही पीड़ित को ब्लॉक कर दिया जाता है।
इम्पर्सनेशन (Fake Identity): बड़े चैनलों, सेलिब्रिटी या परिचितों के नाम से नकली आईडी बनाकर पैसे मांगे जाते हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग ठगी: फर्जी टेलीग्राम स्टोर बनाकर सस्ते दाम पर सामान दिखाया जाता है। पेमेंट के बाद प्रोडक्ट कभी नहीं भेजा जाता।
फिशिंग लिंक: ऐसे लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर क्लिक करते ही यूज़र का पासवर्ड और ओटीपी चुरा लिया जाता है।
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता ही इन ठगी से बचने का सबसे कारगर तरीका है।
- किसी भी अनजाने लिंक पर क्लिक न करें।
- फ्री पैसा, लॉटरी और क्रिप्टो के चक्कर में न पड़ें।
- किसी को भी ओटीपी और आईडी प्रूफ साझा न करें।
- केवल आधिकारिक चैनल और स्रोतों से ही जुड़ें।
- यदि कोई अत्यधिक मुनाफे का लालच दे रहा है तो समझ लें यह ठगी है।
निष्कर्ष
टेलीग्राम पर साइबर ठग सक्रिय हैं और उनके निशाने पर आम यूज़र हैं। थोड़ी-सी सतर्कता और सही जानकारी से इनसे बचा जा सकता है। पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि किसी भी संदिग्ध लिंक या ऑफर से सावधान रहें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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