घर-घर बैंकिंग सुविधा पहुंचाने में निभाएंगी अहम भूमिका।आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम: राजकुमार।
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत हरियाणा।
ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वरोजगार का नया रास्ता 19 बैंक सखियों ने लिया विशेष प्रशिक्षण
पानीपत, 10 अप्रैल। जिला प्रशासन के तत्वावधान में जयप्रकाश नारायण पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसइटिआई), सिवाह में आयोजित बैंक सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह बड़े उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला मुख्य अग्रणी प्रबंधक राजकुमार उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्थान के निदेशक नीरज मंडल शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती वंदना एवं वंदे मातरम के साथ हुआ। प्रशिक्षण प्राप्त बैंक सखियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। इस सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में पानीपत जिले की 19 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लेकर बैंकिंग सेवाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। मुख्य अतिथि राजकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती जनसंख्या और सीमित रोजगार के अवसरों के बीच स्वरोजगार योजनाएं ही रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि बैंक सखियों को मजबूत बनाने के लिए वाणिज्यिक बैंक, कॉरपोरेट बीसी और फिनटेक संस्थानों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही उन्हें आधुनिक उपकरणों जैसे डेस्कटॉप, लैपटॉप, पीओएस मशीन, कार्ड रीडर और फिंगरप्रिंट डिवाइस उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके लिए बिना ब्याज के ऋण की सुविधा भी दी जाएगी। संस्थान के निदेशक नीरज मंडल ने बताया कि आरएसइटीआइ संस्थान में 64 प्रकार के निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। प्रशिक्षणार्थियों को रहने और भोजन की सुविधा भी नि:शुल्क प्रदान की जाती है, ताकि अधिक से अधिक लोग आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षित बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संस्थान के सहायक राजकुमार कादियान ने कहा कि बेरोजगारी का एक प्रमुख कारण कौशल की कमी है। ऐसे में यह संस्थान युवाओं को हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि 18 से 45 वर्ष तक के युवक-युवतियां यहां नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। अनिल मलिक ने बताया कि बैंक सखियां गांव-गांव जाकर लोगों को बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगी तथा घर बैठे ही बैंकिंग से जुड़े कार्य संपन्न करेंगी। उन्हें प्रति ट्रांजेक्शन 2 प्रतिशत कमीशन मिलेगा और वे 25,000 रुपये तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगी। प्रशिक्षण के उपरांत आईआईबीएफ द्वारा आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में सभी प्रतिभागी सफल रहे। कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय असंध के वाणिज्य प्रवक्ता डॉ. विशाल वर्मा ने भी प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बैंकिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे भविष्य में बैंक सखियां बेहतर कार्य कर सकेंगी। इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य नरेंद्र मलिक और रविंदर नांदल ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारीगण, संकाय सदस्य और प्रशिक्षित बैंक सखियां उपस्थित रहीं।












