सरकारी अधिवक्ताओं के लिए योगी सरकार ने खोला पिटारा.. रिटेनर और बहस की फीस बढ़ाई

सरकारी अधिवक्ताओं के लिए योगी सरकार ने खोला पिटारा.. रिटेनर और बहस की फीस बढ़ाई

संवाददाता बिपिन मिश्रा 

जिला शासकीय अधिवक्ता, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता, जिला शासकीय अधिवक्ता, नामिक वकील, विशेष अधिवक्ता, वित्त, दीवानी, फौजदारी के रेट रिवाइज्ड किये गये, जिला शासकीय अधिवक्ता की फीस 9 हजार रुपए थी, प्रतिकार्य दिवस बहस के 1650 रुपए मिलते थे, उसके स्थान पर 14000 रुपए प्रतिमाह रिटेनर फीस की गई, बहस की फीस 2500 रुपए प्रतिकार्य दिवस निर्धारित की गई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता को 7200 रुपए रिटेनर फीस मिलती थी और बहस के लिए प्रति कार्य दिवस 1500 रुपए मिलते थे, रिटेनर फीस 11000 रुपए की गई.. बहस की फीस प्रति कार्य दिवस 2300 रुपए की गई, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जो 6300 रुपए महीना पाते थे उन्हें अब 10000 रुपए मिलेंगे. बहस की फीस 1500 रुपए प्रति कार्य दिवस की जगह 2300 रुपए की गई। उपजिला शासकीय अधिवक्ता रिटेनर फीस 5400 रुपए थी और 1200 प्रतिकार्य दिवस बहस की फीस थी, रिटेनर फीस बढ़कर 9000 रुपए की गई और बहस के लिए प्रतिकार्य दिवस की फीस 2000 रुपए की गई। नामिका वकील को रिटेनर फीस नहीं मिलती थी. सिर्फ बहस की फीस 1500 रुपए मिलती थी, उसके स्थान पर 2300 रुपए की गई. विशेष अधिवक्ता को भी 1500 की जगह 2300 रुपए किया गया.. न्याय मित्र दीवानी फौजदारी को भी 1500 की जगह 2300 रुपए किया गया।महाधिवक्ता की रिटेनर की प्रतिमाह फीस 75 हजार रुपए थी तथा बहस की प्रतिकार्य दिवस 40000 रुपए फीस निर्धारित थी।

दिल्ली अथवा बाहर से मुकदमें की तैयारी के लिए 20000 रुपए मिलते थे रिटेनर फीस बढ़ाकर 125000 रुपए की गई. बहस के लिए प्रति कार्य दिवस 60000 रुपए किए गए.. तैयारी वाले 20000 रुपए ही रहेंगे। अपर महाधिवक्ता को अभी तक रिटेनर फीस 30000 रुपए मिलती थी.. बहस की फीस 20000 रुपए थी, रिटेनर फीस 50000 रुपए की गई और बहस की फीस 40000 रुपए की गई। उच्च न्यायालय के अपर महाधिवक्ता को रिटेनर फीस 30000 रुपए और बहस की फीस 20000 मिलती थी.. रिटेनर फीस 30000 से बढ़कर 50000 रुपए की गई.. बहस फीस भी 50000 रुपए की गई। मुख्य स्थाई अधिवक्ता की रिटेनर फीस 22000 रुपए थी, बहस फीस 7000 मिलती थी। अब 35000 मिलेंगे.. बहस फीस 12000 रुपए मिलेगी, अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता, अपर लोक अभियोजन की रिटेलर फिश 12000 रुपए थी बहस पीस 5000 रुपए मिलती थी उसे बढ़ाकर 20000 और 8000 रुपए किया गया। स्थाई अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता की रिटेनर फीस 9000 रुपए थी, बहस की फीस 3000 रुपए थी, उसे बढ़ाकर 15000 और 5000 रुपए किया गया। ब्रीफ होल्डर को सिर्फ 2000 बहस की फीस मिलती थी उसे 3000 रुपए किया गया। एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड को 18000 रुपए रिटेनर फीस और बहस फीस 10000 रुपए मिलती थी, रिटेनर फीस 30000 रुपए और बहस फीस 15000 रुपए की गई। विशेष पैनल अधिवक्ता को 15000 रुपए बहस फीस मिलती थी। एक से अधिक केस की पैरवी पर 25000 रुपए मिलते थे.. अब 15 की जगह 25000 मिलेंगे एक से अधिक बहस पर 32500 रुपए फीस मिलेगी। वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता को बहन के लिए 8000 रुपए मिलते थे। एक से अधिक केसों में पैरवी करने पर 12000 रुपए मिलते थे.. अब 12000 और 16000 रुपए किए गए। कनिष्ठ पैनल अधिवक्ता को बहस के 5000 मिलते थे.. एक से अधिक केस में पैरवी पर 7500 रुपए मिलते थे। अब एक केस में 7500 रुपए और एक से ज्यादा केस की पैरवी करने पर 10000 रुपए प्रति कार्य दिवस मिलेंगे।

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