वृंदावन में लापता किशोर की तलाश को लेकर आश्रम के बाहर धरना, आत्मदाह की चेतावनी
रिपोर्ट जय भगवान बघेल मथुरा वृंदावन। श्री राधा हित केलिकुंज आश्रम के बाहर हाथरस से आए करीब तीन दर्जन लोगों ने 16 वर्षीय किशोर की बरामदगी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने के साथ मामले की जानकारी जुटाने में लगी रही।
हाथरस के सादाबाद तहसील क्षेत्र के बरामनी गांव निवासी राजवीर सिंह का कहना है कि उनका 16 वर्षीय बेटा अनुज चौधरी करीब तीन महीने से लापता है। पिता के मुताबिक, अनुज ने तीन माह पहले प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद वह घर लौटा और करीब पांच दिन बाद आश्रम से मिली कंठी-माला व तीन पुस्तकें लेकर दोबारा प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए निकला था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।
राजवीर सिंह ने आरोप लगाया कि वह तीन महीने से बेटे की तलाश में भटक रहे हैं। उनका कहना है कि आश्रम प्रबंधन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं देता और किशोर के संबंध में स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आश्रम के पास मिले एक साधु ने उनके बेटे को आश्रम के भीतर देखने की बात कही थी। इसके बाद परिजन आश्रम के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने आशंका जताई कि उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। पिता ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर किशोर को उनके सुपुर्द नहीं किया गया तो वह पत्नी और चार बेटियों के साथ आश्रम के बाहर आत्मदाह करेंगे।
मामले की सूचना पर पहुंचे सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि किशोर की गुमशुदगी का मामला हाथरस जिले के संबंधित थाने में पहले से दर्ज है और हाथरस पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों का आरोप है कि किशोर आश्रम आया था। आश्रम के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से परिजनों को अवगत कराया जाएगा।
वहीं, आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि उनके साधक समूह और उपलब्ध रिकॉर्ड में अनुज चौधरी नाम के किसी किशोर का विवरण नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच में हाथरस पुलिस को आश्रम की ओर से हर संभव सहयोग दिलाया जा रहा है।वृंदावन में लापता किशोर की तलाश को लेकर आश्रम के बाहर धरना, आत्मदाह की चेतावनी
वृंदावन। श्री राधा हित केलिकुंज आश्रम के बाहर हाथरस से आए करीब तीन दर्जन लोगों ने 16 वर्षीय किशोर की बरामदगी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने के साथ मामले की जानकारी जुटाने में लगी रही।
हाथरस के सादाबाद तहसील क्षेत्र के बरामनी गांव निवासी राजवीर सिंह का कहना है कि उनका 16 वर्षीय बेटा अनुज चौधरी करीब तीन महीने से लापता है। पिता के मुताबिक, अनुज ने तीन माह पहले प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद वह घर लौटा और करीब पांच दिन बाद आश्रम से मिली कंठी-माला व तीन पुस्तकें लेकर दोबारा प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए निकला था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।
राजवीर सिंह ने आरोप लगाया कि वह तीन महीने से बेटे की तलाश में भटक रहे हैं। उनका कहना है कि आश्रम प्रबंधन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं देता और किशोर के संबंध में स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आश्रम के पास मिले एक साधु ने उनके बेटे को आश्रम के भीतर देखने की बात कही थी। इसके बाद परिजन आश्रम के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने आशंका जताई कि उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। पिता ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर किशोर को उनके सुपुर्द नहीं किया गया तो वह पत्नी और चार बेटियों के साथ आश्रम के बाहर आत्मदाह करेंगे।
मामले की सूचना पर पहुंचे सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि किशोर की गुमशुदगी का मामला हाथरस जिले के संबंधित थाने में पहले से दर्ज है और हाथरस पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों का आरोप है कि किशोर आश्रम आया था। आश्रम के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से परिजनों को अवगत कराया जाएगा।
वहीं, आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि उनके साधक समूह और उपलब्ध रिकॉर्ड में अनुज चौधरी नाम के किसी किशोर का विवरण नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच में हाथरस पुलिस को आश्रम की ओर से हर संभव सहयोग दिलाया जा रहा है।











