इटावा में शिक्षा व्यवस्था पर सख्ती: डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने दिए शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्ता सुधार के निर्देश

इटावा में शिक्षा व्यवस्था पर सख्ती: डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने दिए शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्ता सुधार के निर्देश

संवाददाता रोहित कुमार

इटावा, 11 अप्रैल 2026:
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया।
बैठक के दौरान डीएम ने स्कूल चलो अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अब तक हुए 4419 नामांकन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में अभी तक एक भी प्रवेश नहीं हुआ है, उनकी सूची बनाकर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कारण स्पष्ट करते हुए नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस अभियान को औपचारिकता नहीं, बल्कि मिशन मोड में चलाया जाए। शारदा अभियान की समीक्षा में 28 बच्चों का नामांकन सामने आया, जबकि बसेहर क्षेत्र में शून्य प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में भ्रमण कर बच्चों की पहचान करें और उनका स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित करें। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर रहने वाले बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि पंजीकृत छात्रों और वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन किया जाए। चकरनगर क्षेत्र में 82.39% उपस्थिति पर उन्होंने वास्तविक स्थिति की जांच के निर्देश दिए।
बैठक में जिला स्तरीय टास्क फोर्स निरीक्षण, सपोर्टिव सुपरविजन, एसआरजी (98%) और डाइट मेंटर्स (51%) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कक्षा 1 में प्रवेश के लिए 5 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी से विद्यालय तक लाने हेतु विशेष प्रयास करने को कहा गया। कक्षा 1 से 8 तक छात्रों के लर्निंग आउटकम मात्र 40% पाए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि जब तक अधिकारी रुचि नहीं लेंगे, तब तक जमीनी स्तर पर सुधार संभव नहीं है। उन्होंने नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि:
प्रत्येक शनिवार को बीएसए और बीईओ स्तर पर समीक्षा बैठक हो
बीईओ और प्रधानाध्यापकों की बैठक माह में एक बार हो
एचएमसी और पीटीएम बैठक प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को आयोजित की जाए
निर्माण और संसाधनों पर फोकस:
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय ताखा के निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समग्र शिक्षा के तहत 32 विद्यालयों में से 28 में फर्नीचर आपूर्ति हो चुकी है, शेष कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया।
पीएम श्री योजना के तहत फर्नीचर की गुणवत्ता पर असंतोष जताते हुए डीएम ने तीन माह में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही बाल वाटिका के लिए आउटडोर प्ले सामग्री और चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर सुनिश्चित करने को कहा गया। डिजिटल शिक्षा के अंतर्गत स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और टैबलेट वितरण की भी समीक्षा हुई।
आरटीई के तहत कार्रवाई के निर्देश:
आरटीई 12(1)(ग) के तहत 1146 सीटों के मुकाबले 686 प्रवेश होने पर डीएम ने निर्देश दिए कि प्रवेश से इनकार करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नोटिस जारी किया जाए।
इसके अलावा “समर्थ” योजना के तहत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आंगनबाड़ी के बच्चे निजी विद्यालयों की ओर न जाएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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