आंधी बनी काल! जर्जर दीवार गिरने से 6 साल की मासूम की मौत, दादी घायल
डिप्टी स्टेट ब्यूरो चीफ: धर्मेंद्र चौहान



लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान के बीच एक दर्दनाक हादसे में 6 वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई, जबकि उसकी दादी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना मदेयगंज थाना क्षेत्र के भाण्डुटोला स्थित पुरानी बांस मंडी इलाके की है, जहां एक खाली प्लॉट की जर्जर बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर गई। जानकारी के अनुसार, 6 वर्षीय जोया अपनी 80 वर्षीय दादी नाजों के साथ सुबह दूध लेने जा रही थी। इसी दौरान तेज आंधी के बीच घर के सामने स्थित खाली प्लॉट की पुरानी और जर्जर दीवार अचानक ढह गई। दीवार का मलबा दोनों के ऊपर गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे की सूचना मिलते ही मदेयगंज पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल जोया को पहले खदरा स्थित राजधानी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से उसकी हालत नाजुक होने पर बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं घायल दादी नाजों का बलरामपुर अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस ने बच्ची के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया। मृतका के पिता छोटू चाय का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में तीन वर्षीय बेटा अरमान और छह वर्षीय बेटी जोया थी। बेटी की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां हसरतून का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का आरोप है कि जिस प्लॉट की दीवार गिरी, वह करीब 25 साल पुरानी थी और लंबे समय से जर्जर हालत में थी। यदि समय रहते उसकी मरम्मत कराई गई होती तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी की नेता पूजा शुक्ला भी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में जर्जर भवनों और दीवारों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से ऐसे खतरनाक ढांचों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की मांग की जा रही है।












