झारखंड में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ उप निरीक्षक राजेश यादव का निधन: पैतृक गांव नगवाई में अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी गई विदाई
संवाददाता धर्मेंद्र चौहान
एटा। तहसील जलेसर क्षेत्र के नगवाई गांव निवासी सीआरपीएफ के उप निरीक्षक राजेश यादव का झारखंड के चाईबासा जिले में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। रविवार शाम
को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नगवाई पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और साथी जवान शामिल हुए। सीआरपीएफ के जवानों ने राजेश यादव को गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दी। इस दौरान लोगों की आंखें नम हो गईं और “जय हिंद, राजेश यादव अमर रहें” के नारे गूंज उठे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। राजेश यादव, पुत्र सेवतीलाल यादव, वर्ष 1995 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह झारखंड के चाईबासा (छोटानागरा) स्थित सीआरपीएफ कैंप में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। भाई विनेश चंद्र यादव ने बताया कि राजेश यादव 3 नवंबर को अपने बड़े भाई स्वर्गीय विजय पाल की नातिनी की शादी में गांव आए थे। 4 नवंबर को वे ड्यूटी पर वापस लौट गए थे और 6 नवंबर को कैंप पहुंचे थे। 7 नवंबर की रात उन्होंने ड्यूटी की, लेकिन 8 नवंबर की सुबह साथियों ने उन्हें मृत अवस्था में पाया। राजेश यादव अपने पीछे चार बेटों — अनुकूल कुमार, अनिल कुमार, गौरव कुमार और सौरभ कुमार — को छोड़ गए हैं। सभी की शादियां हो चुकी हैं। परिवार में तीन नाती और दो नातिनियां हैं। गांव के अध्यापक महेश चंद्र ने बताया कि राजेश यादव सीधे, ईमानदार और सज्जन स्वभाव के व्यक्ति थे। उनका गांव और समाज के प्रति हमेशा प्रेमपूर्ण रवैया रहा। ग्राम प्रधान प्रमोद प्रधान काका ने बताया कि बचपन में राजेश यादव गांव की पुरानी ट्रॉली (पानी निकालने वाला इंजन) की देखरेख करते थे, ताकि किसानों के खेतों में समय पर पानी पहुंच सके।
राजेश यादव के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि राजेश यादव के सम्मान में गांव में शहीद स्मारक बनाया जाए, ताकि उनके देश सेवा के योगदान को सदैव याद रखा जा सके।












