मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वृद्धावस्था पेंशन योजना को मिली नई रफ़्तार, 67 लाख से अधिक बुजुर्ग हुए लाभान्वित
संवाददाता बिपिन मिश्रा कुंडा प्रतापगढ़
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार की सक्रियता और डिजिटल तकनीक के समावेश से प्रदेश के लाखों बुजुर्गों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पिछले मात्र 8 महीनों के भीतर प्रदेश में 9.83 लाख नए पेंशनर्स को इस योजना से जोड़ा गया है, जो राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और सुगमता
समाज कल्याण विभाग ने पेंशन वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार करते हुए इसे पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया लागू होने से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है, बल्कि पात्र व्यक्तियों तक लाभ पहुँचना और भी आसान हो गया है।डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए अब अपात्र नामों को सूची से बाहर कर दिया गया है, जिससे सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। 67.50 लाख तक पहुँची लाभार्थियों की संख्या
राज्य सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि वर्तमान में प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की कुल संख्या 67.50 लाख तक पहुँच गई है। पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।
फैमिली ID 60 वर्ष की आयु होते ही स्वत शुरू होगी पेंशन
सरकार अब फैमिली आईडी के माध्यम से पेंशन प्रक्रिया को और भी सरल बनाने जा रही है। जैसे ही परिवार का कोई सदस्य 60 वर्ष की आयु पूरी करेगा, उसका नाम स्वतः ही पेंशन के लिए चिन्हित हो जाएगा। बुजुर्गों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।
डेटाबेस के जरिए पात्रता की जांच खुद-ब-खुद हो जाएगी।
समाज कल्याण विभाग की इन आधुनिक और पारदर्शी योजनाओं ने जनता के बीच सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप तकनीकी नवाचारों ने उत्तर प्रदेश को ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है जिससे समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिल रही है।












