भारत के हमले के बाद फूट-फूटकर रोया मसूद अजहर, जैश सरगना का पूरा कुनबा खत्म
इस्लामाबाद: जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर ने भारत के मिसाइल हमले के बाद एक भावुक बयान जारी करते हुए कहा, “काश मैं भी मर जाता।” दरअसल, भारतीय सेना ने ऑपरेशन “सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित मरकज सुभानअल्लाह मस्जिद परिसर पर चार मिसाइलें दागीं, जिससे मसूद अजहर का परिवार और नजदीकी सहयोगी मारे गए।
हमले में मसूद अजहर की बड़ी बहन और उसके पति, भतीजा और उसकी पत्नी, एक भतीजी व उसके पांच बच्चे, और जैश से जुड़े चार शीर्ष आतंकी मारे गए। इस प्रकार कुल 14 लोग, जो अजहर के परिवार और आतंक नेटवर्क का अहम हिस्सा थे, इस हमले में ढेर हो गए।
भारतीय हमले के बाद मसूद अजहर ने बुधवार सुबह एक बयान जारी कर इस त्रासदी की जानकारी दी। उसने कहा कि परिवार को इस तरह खोकर वह खुद को भी मरने योग्य समझता है।
आतंकी नेटवर्क का अड्डा था मस्जिद परिसर
बताया जा रहा है कि यह मस्जिद परिसर जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और आतंकियों के लिए प्रशिक्षण स्थल के रूप में इस्तेमाल होता था। पिछले तीन दशकों से यहां 600 से अधिक युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग देने का दावा किया गया है। मसूद अजहर स्वयं इस परिसर में उग्र भाषणों के जरिए युवाओं को भड़काता रहा है।
भारतीय सेना की ओर से किया गया यह हमला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बहावलपुर स्थित यह ठिकाना जैश का ऑपरेशनल हेडक्वार्टर था और अजहर का घर भी यहीं स्थित है।
कई आतंकी हमलों से जुड़ा है जैश का नाम
जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। 2001 का संसद हमला और 2019 के पुलवामा हमले में इसी आतंकी संगठन का हाथ था। हाल ही में 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने यह जवाबी कार्रवाई की है।
मंगलवार देर रात और बुधवार तड़के भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पंजाब क्षेत्र में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए, जिससे आतंक का बड़ा ठिकाना पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
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